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NHAI: दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में पहले ही मिल जाएगा अलर्ट; जियो और NHAI का रियल-टाइम सेफ्टी अलर्ट सिस्टम

Thu, 04 Dec 2025 04:32 PM IST
सुयश पांडेय ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

रिलायंस जियो और NHAI ने मिलकर हाईवे पर यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए टेलिकॉम-आधारित सेफ्टी अलर्ट सिस्टम शुरू किए हैं। इससे रियल-टाइम में दुर्घटना-संभावित क्षेत्रों, सड़क बंद होने, कोहरे, आवारा पशुओं, ट्रैफिक जाम और अन्य जोखिमों का अलर्ट मिलेगा।
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रिलायंस जियो और NHAI ने टेलिकॉम-आधारित सेफ्टी अलर्ट सिस्टम के लिए करार किया है। (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : AI
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विस्तार
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रिलायंस जियो और NHAI राष्ट्रीय हाईवे पर यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए टेलिकॉम-आधारित सेफ्टी अलर्ट सिस्टम लागू कर रहे हैं। यह सिस्टम रियल-टाइम में दुर्घटना-संभावित क्षेत्रों, सड़क बंद होने, कोहरे, आवारा पशुओं, ट्रैफिक जाम और अन्य जोखिमों की जानकारी देगा। इसकी पायलट टेस्टिंग शुरू हो चुकी है और जल्द ही इसे पूरे देश में लागू किया जाएगा।
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इससे राष्ट्रीय हाईवे पर यात्रा करने वाले करोड़ों लोगों को समय से जरूरी अलर्ट मिलेंगे। PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, यह सिस्टम जियो के बड़े मोबाइल नेटवर्क को NHAI (नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया) के हाईवे डाटा इंटेलिजेंस से जोड़कर दुर्घटनाओं को कम करने में मदद करेगा। जियो यूजर्स को कम नेटवर्क या इमरजेंसी स्थिति में भी लोकेशन-बेस्ड अलर्ट सीधे उनके फोन पर मिलेंगे।

रिलायंस जियो और NHAI के करार के तहत

नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया अपने कमांड सेंटर्स, सेंसर्स, कैमरों और पेट्रोलिंग टीमों से रियल-टाइम हाईवे डाटा उपलब्ध कराएगा। जियो मोबाइल कॉल्स, SMS और सेल ब्रॉडकास्ट तकनीक के जरिए अलर्ट भेजेगा। सेल ब्रॉडकास्ट सामान्य SMS की तरह नहीं है। यह किसी भी क्षेत्र में मौजूद सभी मोबाइल डिवाइस तक तुरंत पहुंच सकता है।

ड्राइवरों को किस तरह के अलर्ट मिलेंगे?

जियो यूजर्स को समय-समय पर ये चेतावनियां मिलेंगी।
  • दुर्घटना-संभावित या बंद सड़कें
  • कोहरा या कम दृश्यता वाले क्षेत्र
  • आवारा पशुओं या जानवरों की आवाजाही
  • खराब या रुकी हुई गाड़ियां
  • अचानक ट्रैफिक बढ़ना या धीमी रफ्तार
  • भूस्खलन
  • निर्माण कार्य या मौसम से जुड़ी बाधाएं
NHAI का कहना है कि ये अलर्ट ड्राइवरों को सावधानी बरतने, लेन बदलने या वैकल्पिक मार्ग चुनने में मदद करेंगे।

सिस्टम कैसे काम करेगा?

यह मॉडल NHAI के डिजिटल मॉनिटरिंग नेटवर्क कैमरे, ड्रोन, हाईवे पेट्रोल फीड और एआई-सेंसर पर आधारित है। किसी भी घटना का पता लगते ही जानकारी जियो के बैकएंड तक पहुंचती है और प्रभावित मार्ग के सभी मोबाइल उपकरणों पर अलर्ट चला जाता है। विशेष बात ये है कि अलर्ट बिना इंटरनेट के भी भेजा जा सकता है।

जियो यूजर्स को क्या फायदा होगा?

यूजर्स को इसके लिए कोई एप इंस्टॉल करने या रजिस्ट्रेशन की जरूरत नहीं होगी। अलर्ट ऑटोमैटिक और लोकेशन-बेस्ड होंगे। इससे रात में यात्रा, कोहरे वाले इलाकों और लंबी दूरी के ट्रक या फ्रेट रूट्स पर बहुत मदद मिलेगी।

कब से मिलना शुरू होंगे अलर्ट?

चुने गए रूट्स पर इसकी पायलट टेस्टिंग शुरू हो चुकी है और जल्द ही इसे चरणबद्ध तरीके से पूरे देश के राष्ट्रीय मार्गों पर लागू किया जाएगा। NHAI और जियो दोनों ने पुष्टि की है कि इसे तेजी से पूरे नेटवर्क तक विस्तार दिया जाएगा। इस साझेदारी के साथ भारत स्मार्ट और सुरक्षित हाईवे इकोसिस्टम की दिशा में बड़ा कदम बढ़ा रहा है। जियो यूजर्स सबसे पहले रियल-टाइम सेफ्टी अलर्ट का लाभ उठाएंगे।
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