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EV Accident: ईवी कंपनी घटना से बेहद दुखी, ड्राइवर ने कहा- उसे तेज रफ्तार, ओवरलोड चलाने के लिए किया गया मजबूर

Tue, 09 Jan 2024 10:55 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

उत्तराखंड के राजाजी टाइगर रिजर्व में एक ट्रायल इलेक्ट्रिक वाहन दुर्घटनाग्रस्त होने से दो वन रेंजरों सहित चार लोगों की मृत्यु हो गई और एक महिला वन्यजीव रक्षक लापता हो गई। इस हादसे के एक दिन बाद, इलेक्ट्रिक वाहन स्टार्टअप प्रवैग डायनामिक्स ने मंगलवार को कहा कि वह जांच एजेंसियों के साथ मिलकर मामले की और जानकारी उपलब्ध कराने की कोशिश कर रही है। 
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हादसा - फोटो : amar ujala
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उत्तराखंड के राजाजी टाइगर रिजर्व में एक ट्रायल इलेक्ट्रिक वाहन दुर्घटनाग्रस्त होने से दो वन रेंजरों सहित चार लोगों की मृत्यु हो गई और एक महिला वन्यजीव रक्षक लापता हो गई। इस हादसे के एक दिन बाद, इलेक्ट्रिक वाहन स्टार्टअप प्रवैग डायनामिक्स ने मंगलवार को कहा कि वह जांच एजेंसियों के साथ मिलकर मामले की और जानकारी उपलब्ध कराने की कोशिश कर रही है। 
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बंगलूरू की कंपनी प्रवैग डायनामिक्स ने एक प्रेस स्टेटमेंट में दुख जताया है और दुर्घटना के लिए गहरा शोक व्यक्त किया है। यह हादसा वाहन के प्रदर्शन के दौरान हुआ था। हालांकि, चालक अशबिन बिजू, जो एक बीई मेकेनिकल इंजीनियर हैं, ने एक अलग बयान में कहा कि वन अधिकारियों ने उन्हें ओवरलोडिंग और ट्रायल के दौरान तेज रफ्तार से चलने के लिए मजबूर किया था। उन्होंने बताया कि ट्रायल के दौरान वे न तो नशे में थे और न ही थके हुए थे।

उत्तराखंड के वन विभाग द्वारा अनुमोदित पहला टेस्ट ड्राइव सोमवार की सुबह बिना किसी घटना के हुआ था। लेकिन दोपहर में प्रदर्शन के दूसरे दौर में, वन अधिकारियों ने उन्हें 9 लोगों (ड्राइवर सहित कुल 10) को ले जाने के लिए मजबूर किया, जबकि बैठने की क्षमता आठ (ड्राइवर सहित) थी। 
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हादसा - फोटो : amar ujala
अपने बयान में उन्होंने कहा, "वाहन के पीछे खड़े रेंजर ने मुझे चिल्ला बांध रोड पर जाने का आदेश दिया... और प्रदर्शन के भाग के रूप में अन्य ऑफ-रोड बाधाओं पर जाने के लिए कहा।" उन्होंने आगे कहा कि "मेरे बार-बार विनती के बावजूद नियोजित सीमा से बाहर न जाने" के बावजूद उन्होंने उन्हें "तेज रफ्तार" करने के लिए कहा।

उन्होंने कहा, "मैंने 2-3 बार उनकी बात मानने से मना कर दिया और रफ्तार 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे से ज्यादा नहीं बढ़ाई।" उन्होंने और बताया कि वह दूसरे अधिकारी के दबाव में "झुक गए" और "थोड़ा तेज चलाने लगे।"

उन्होंने कहा, "चूंकि यह एक इलेक्ट्रिक वाहन है, इसलिए एक्सीलरेशन काफी तेज है, और यह एक सेकंड के अंश में 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार तक पहुंच गया। कीचड़ और खतरनाक चट्टानों के साथ ढीली, अस्थिर सड़कों के कारण टायर फट गया और वाहन ने पिछले हिस्से से नियंत्रण खो दिया और सड़क और नदी के बीच तटबंध की दीवार से तेज रफ्तार से टकराने से पहले एक तरफ से पेड़ से टकरा गया।"
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हादसा - फोटो : amar ujala
उन्होंने कहा, "उसके बाद क्या हुआ यह मुझे याद नहीं है।"

चालक और सामने बैठे सह-यात्री, जिन्होंने सीट बेल्ट पहन रखी थी, दुर्घटना में बच गए। जबकि वाहन के पिछले हिस्से में खड़े रेंजर और अन्य लोग बाहर फेंक दिए गए और या तो उनकी मौत हो गई या वे गंभीर रूप से घायल हो गए।

"हम अपने वितरक के जरिए प्रदर्शन पर लिए गए एक वाहन से जुड़ी एक दुखद घटना की रिपोर्ट करते हुए बेहद दुखी हैं, जहां उत्तराखंड के वन विभाग के साथ राजाजी राष्ट्रीय उद्यान में वे एक अधिकृत परीक्षण चला रहे थे।

कंपनी ने कहा, "हमें दुर्घटना और टायर फटने से हुई हताहत की रिपोर्ट मिली है," उन्होंने आगे कहा कि वे "जांच एजेंसियों और वितरकों के साथ सहयोग कर रहे हैं और ज्यादा जानकारी उपलब्ध कराएंगे।"
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