फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

EV: ओकिनावा के बाद, अब प्योर ईवी ने अपने इलेक्ट्रिक स्कूटरों को वापस मंगाया, आग की घटनाओं के बीच 2000 ईवी को किया रिकॉल

Fri, 22 Apr 2022 10:12 AM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

हैदराबाद स्थित एक और ईवी स्टार्टअप ने हाल के दिनों में तेलंगाना और तमिलनाडु में आग की कई घटनाओं के बीच अपने इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की लगभग 2,000 यूनिट्स को वापस मंगाया है।
विज्ञापन
Pure EV Scooter Fire - फोटो : For Reference Only
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

देश की प्रमुख इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन निर्माता कंपनी Okinawa Autotech (ओकिनावा ऑटोटेक) ने आग की घटना के कारण अपने इलेक्ट्रिक स्कूटर की 3,000 से ज्यादा यूनिट्स को वापस मंगा लिया था। अब इसके बाद हैदराबाद स्थित एक और ईवी स्टार्टअप ने इस कदम को अपनाया है। Pure EV India (प्योर ईवी इंडिया) जो ETrance, EPluto और ETryst जैसे इलेक्ट्रिक स्कूटर बनाती है, ने हाल के दिनों में तेलंगाना और तमिलनाडु में आग की कई घटनाओं के बीच अपने इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की लगभग 2,000 यूनिट्स को वापस मंगाया है।
विज्ञापन


ताजा घटना में, जब प्योर ईवी के एक स्कूटर की बैटरी में आग लग गई, जिसमें एक 80 वर्षीय व्यक्ति की जलने से मौत हो गई। इस घटना में इसे कथित तौर पर घर के अंदर चार्ज किया जा रहा था। इस घटना में तीन अन्य लोगों के घायल होने की भी खबर है। गुरुवार को प्योर ईवी ने हैदराबाद के पास निजामाबाद में हुई इस घटना पर खेद जताया। इस घटना ने ईवी निर्माता को रिकॉल जारी करने के लिए प्रेरित किया। रिकॉल की गई इकाइयों में ETrance+ और EPluto 7G इलेक्ट्रिक स्कूटर शामिल हैं।

इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर निर्माता द्वारा गुरुवार को जारी एक बयान में कहा गया, "वाहनों और बैटरियों के हेल्थ की बारीकी से जांच होगी। हम किसी भी असंतुलन के मुद्दों के लिए बैटरी की जांच करेंगे और अपने डिवाइस बैट्रिक्स फैराडे के जरिए कैलिब्रेट करेंगे। इसके अलावा बीएमएस और चार्जर कैलिब्रेशन को जरूरत के मुताबिक किया जाएगा।"
विज्ञापन

 

Pure EV Scooter Fire - फोटो : For Reference Only
प्योर ईवी ने कहा है कि वह संबंधित यूजर और अधिकारियों से ईवी आग की घटना के बारे में और जानकारी जुटा रही है। प्योर ईवी का दावा है कि उसके पास मीडिया में बताए जा रहे यूजर द्वारा हासिल बिक्री या सर्विस का कोई रिकॉर्ड नहीं है। प्योर ईवी ने बयान में कहा, "हमारे ग्राहक डेटाबेस से हमारे पास मीडिया में बताए गए यूजर को की गई बिक्री या उनके द्वारा ली गई किसी सर्विस का कोई रिकॉर्ड नहीं है। हमारा डीलर यह पता लगा रहा है कि क्या वाहन को हमारे किसी पहले खरीदार से सेकेंड हैंड सेल के जरिए खरीदा गया था।" 

बयान में कहा गया, "कंपनी डीलरशिप नेटवर्क के जरिए सभी ग्राहकों तक पहुंचेगी और सभी हितधारकों के व्यापक हित में ईवी हेल्थ चेकअप के लिए एक अभियान सुनिश्चित करेगी। प्योर ईवी अपने ग्राहकों और वाहनों की सुरक्षा को बहुत गंभीरता से लेता है। हम भारत में कई सर्विस कैंप आयोजित करना जारी रखते हैं। ग्राहक के हितों और वाहन और बैटरी सुरक्षा के लिए बेस्ट प्रैक्टिस से संबंधित जानकारी के प्रसार के लिए उन्हें जानकारी मुहैया कराते हैं।"

Okinawa i-Praise+ Electric Scooter - फोटो : Okinawa
इससे पहले पिछले हफ्ते, ओकिनावा ऑटोटेक ने अपने इलेक्ट्रिक स्कूटर, ओकिनावा प्रेज प्रो की 3,215 यूनिट्स को रिकॉल किया था। ओकिनावा ने इन इलेक्ट्रिक स्कूटरों को पिछले कुछ हफ्तों में कई आग की घटनाओं के बाद बैटरी से संबंधित किसी भी समस्या की जांच करने और ठीक करने के लिए वापस मंगाया है। पिछले महीने पुणे में ओला इलेक्ट्रिक स्कूटर में आग लगने के बाद सरकार ने मामले की जांच के आदेश दिए थे। सड़क परिवहन मंत्रालय के अनुसार, सेंटर फॉर फायर एक्सप्लोसिव एंड एनवायरनमेंट सेफ्टी (सीएफईईएस) को उन परिस्थितियों की जांच करने के लिए कहा गया है जिनके कारण यह घटना हुई और वे ऐसे उपाय भी सुझाए जिससे ऐसी घटना भविष्य में न हों।
 
विज्ञापन

Nitin Gadkari - फोटो : PTI
यह रिकॉल ऐसे समय में आया है जब केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने खराब इलेक्ट्रिक वाहनों के खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार करने का फैसला किया है, जिससे आग लगने की संभावित घटनाएं हो सकती हैं। गडकरी ने गुरुवार को कहा कि मामले की जांच के लिए गठित विशेषज्ञ पैनल की रिपोर्ट मिलने के बाद केंद्र सरकार चूक करने वाली कंपनियों के खिलाफ जरूरी आदेश जारी करेगी।

इससे पहले गुरुवार को, नीति आयोग इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए बैटरी स्वैपिंग नीति का मसौदा लेकर आया और इंसेंटिव के साथ-साथ स्वैपेबल बैटरी के लिए एक कड़े टेस्टिंग प्रोटोकॉल का सुझाव दिया। मसौदा नीति ऐसे समय में आई है जब इलेक्ट्रिक वाहनों से जुड़े सुरक्षा के मुद्दों पर चिंता बढ़ रही है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें