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TDC Meeting: एक्सप्रेस वे पर और तेज होगी स्पीड, हॉर्न की जगह आएगी वाद्ययंत्रों की आवाज, इस बैठक में होगा फैसला

Wed, 07 Sep 2022 01:22 PM IST
समीर गोयल ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

इस हफ्ते परिवहन विकास परिषद की बैठक होने वाली है जिसमें एक्सप्रेस वे और नेशनल हाइवे पर स्पीड लिमिट बढ़ाने पर चर्चा हो सकती है। स्पीड बढ़ोतरी के साथ हॉर्न की जगह वाद्ययंत्रों की आवाज पर भी चर्चा होने की उम्मीद है। 
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एक्सप्रेस वे और नेशनल हाइवे पर बढ़ेगी स्पीड लिमिट - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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देश के एक्सप्रेस वे और नेशनल हाइवे पर स्पीड लिमिट को बढ़ाया जा सकता है। इस हफ्ते बेंगलुरू में परिवहन विकास परिषद की बैठक होने वाली है जिसमें ऐसे कुछ प्रस्तावों पर चर्चा की जा सकती है। ये बैठक ऐसे समय पर हो रही है जब उद्योगपति सायरस मिस्त्री की कार तेज स्पीड में होने के कारण सड़क हादसे का शिकार हुई जिसमें उनकी मौत हो गई।
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वर्तमान में कितनी है स्पीड लिमिट

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की ओर से सभी सड़कों के लिए स्पीड लिमिट तय की गई है। मंत्रालय की ओर से नेशनल हाइवे पर अधिकतम स्पीड लिमिट 100 किलोमीटर प्रति घंटा और एक्सप्रेस वे पर 120 किलोमीटर प्रति घंटा की अधिकतम स्पीड लिमिट तय की गई है हालांकि मुंबई-पुणे एक्सप्रेस वे पर अभी-भी अधिकतम स्पीड लिमिट 100 किलोमीटर प्रति घंटा ही है। 

 

कितनी बढ़ सकती है स्पीड लिमिट 

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी पिछले साल अक्टूबर में ही स्पीड लिमिट बढ़ाने का संकेत दे चुके हैं। तब उन्होंने कहा था कि मेरा निजी विचार है कि एक्सप्रेस वे पर वाहनों की स्पीड लिमिट को बढ़ाकर 140 किलोमीटर प्रति घंटा तक कर दिया जाना चाहिए। उन्होंने ये भी कहा था कि स्पीड को लेकर सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के कुछ फैसले हैं, जिनके कारण हम कुछ नहीं कर पा रहे। केंद्रीय मंत्री ने ये भी कहा था कि चार लेन वाले नेशनल हाइवे पर स्पीड लिमिट कम से कम 100 किलोमीटर प्रति घंटा होनी चाहिए, वहीं दो लेन की सड़कों के लिए 80 किलोमीटर प्रति घंटा और शहरी सड़कों के लिए गति सीमा 75 किलोमीटर प्रति घंटा होनी चाहिए। 

 
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हॉर्न की जगह सुनाई देगी वाद्ययंत्रों की आवाज

परिवहन विकास परिषद की बैठक में हॉर्न की आवाज पर भी चर्चा हो सकती है। केंद्रीय मंत्री ने हाल में ही कहा था कि भारतीय संगीत और वाद्ययंत्रों की आवाज को हॉर्न के रूप में इस्तेमाल करने पर भी विचार किया जा रहा है। अगर इस प्रस्ताव पर सहमति बनती है तो आने वाले समय में हॉर्न की तेज आवाज की जगह वाद्ययंत्रों की आवाज सुनाई दे सकती है। 
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