केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है सरकार निजी और सार्वजनिक परिवहन के लिए गैर-प्रदूषणकारी स्रोतों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने पर जोर दे रही है। गडकरी ने एक टीवी चैनल से भारत में प्रदूषण के मुद्दे पर चर्चा कर रहे थे। गडकरी प्रदूषण को कम करने के मकसद से नागपुर में एक पायलट प्रोजेक्ट पर चर्चा कर रहे थे।
उन्होंने बताया कि इस पायलट प्रोजेक्ट में हवाई जहाज जैसी सीटिंग वाली 132 सीटों वाली बस और एक "बस होस्टेस" शामिल है। यह बस गैर-प्रदूषणकारी ऊर्जा स्रोतों पर चलेगी और नियमित डीजल बसों की तुलना में ज्यादा सस्ती होगी। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य भारत को आयातक के बजाय शुद्ध ऊर्जा निर्यातक बनाना है।
भारत और प्रदूषण
गडकरी ने कहा कि प्रदूषण भारत के लिए एक गंभीर समस्या है, खासकर दिल्ली के लिए। उन्होंने कहा, "हमें आयात-विकल्प, लागत-प्रभावी, प्रदूषण-मुक्त और स्वदेशी परिवहन समाधान की जरूरत है। हमारे पास इलेक्ट्रिक वाहन हैं... अब, इंडियन ऑयल 300 इथेनॉल पंप लगा रहा है और ऑटोमोबाइल कंपनियां फ्लेक्स वाहन ला रही हैं। इसलिए, 120 रुपये प्रति लीटर पर पेट्रोल भरने के बजाय, 60 रुपये प्रति लीटर पर इथेनॉल का इस्तेमाल करना बेहतर है। जिसमें वाहन 60 प्रतिशत बिजली से और 40 प्रतिशत इथेनॉल से चलेगा। इससे प्रदूषण भी कम होगा।"
सरकार सार्वजनिक परिवहन की लागत कम करने पर भी जोर दे रही है।
एक महत्वपूर्ण घोषणा में राजमार्ग मंत्री ने बताया कि जीपीएस आधारित टोल टैक्स, अगले तीन महीनों के भीतर 5,000 किलोमीटर सड़क पर लागू की जाएगी। यह एक परियोजना है जिसे सरकार कुछ समय से विकसित कर रही है।