कचरा गाड़ियां और टूरिज्म व्हीकल्स भी होंगे इलेक्ट्रिक
मंगलवार को जारी ओडिशा इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) नीति-2025 के मसौदे के अनुसार, आवास और शहरी विकास विभाग भी छह महीने के भीतर सभी कचरा और अपशिष्ट संग्रह वाहनों (वेस्ट कलेक्शन करने वाली सभी गाड़ियों) को ईवी में परिवर्तित कर देगा।
साथ ही, पर्यटन और वन विभाग ने भी यह तय किया है कि पर्यटक स्थलों और एम्यूजमेंट पार्क में चलने वाली शटल सर्विसेज को छह महीने में इलेक्ट्रिक किया जाएगा। नाव सेवाओं को भी एक साल में पैडल-बेस्ड या सोलर-इलेक्ट्रिक हाइब्रिड मॉडल में बदला जाएगा।
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एंबुलेंस और पीसीआर वैन भी बदलेंगी
नीति के तहत, एक साल के भीतर सभी सरकारी एंबुलेंस और पीसीआर वैन को भी ईवी में बदला जाएगा। इससे पेट्रोल-डीजल पर निर्भरता घटेगी, प्रदूषण कम होगा और पूरे राज्य में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा मिलेगा।
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खरीदारों के लिए इंसेंटिव
नई नीति में 2021 की तरह ही ईवी खरीदारों को इंसेंटिव देने का वादा किया गया है। ट्रांसपोर्ट में इस्तेमाल होने वाली ईवी कार पर सीधे 2 लाख रुपये की छूट दी जाएगी। वहीं, 3.5 से 7.5 टन तक की गाड़ियों पर 5 लाख रुपये, 12 टन तक पर 7 लाख रुपये, 18.5 टन तक पर 16 लाख रुपये, 35 टन तक पर 18 लाख रुपये और 55 टन तक की गाड़ियों पर 20 लाख रुपये का इंसेंटिव दिया जाएगा।
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पुरानी गाड़ियों के लिए भी राहत
नीति में यह भी प्रस्ताव है कि पुरानी गाड़ियों को ईवी में बदलने पर सब्सिडी मिलेगी।
टू-व्हीलर पर 30% खर्च की भरपाई
थ्री-व्हीलर और हल्के मालवाहक वाहनों पर 25 प्रतिशत तक सब्सिडी मिलेगी। इसके अलावा, जो लोग अपनी पुरानी गाड़ियों को स्क्रैपिंग सेंटर में देकर नई ईवी खरीदेंगे, उन्हें भी सब्सिडी मिलेगी।
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चार्जिंग स्टेशन पर बड़ा फोकस
राज्य सरकार अगले 5 वर्षों में चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा निवेश करेगी। हर फ्यूल स्टेशन पर, जहां टेक्निकल रूप से संभव होगा, कम से कम एक फास्ट चार्जिंग स्टेशन लगाया जाएगा। OSRTC की बस स्टैंड्स पर भी चार्जिंग पॉइंट्स लगाए जाएंगे। डीसी फास्ट चार्जिंग स्टेशन लगाने के लिए सरकार वायबिलिटी गैप फंडिग भी देगी।
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बैटरी स्वैपिंग और रिसर्च पर जोर
बैटरी ऐज अ सर्विस (BaaS) और बैटरी स्वैपिंग को बढ़ावा देने के लिए, सरकार प्रति स्टेशन 25% कैपिटल सब्सिडी (अधिकतम 2 लाख रुपये) देगी। साथ ही, भुवनेश्वर, बालासोर, राउरकेला, संभलपुर, कोरापुट और ब्रह्मपुर में कम से कम 3 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाए जाएंगे। जहां ईवी, चार्जिंग टेक्नोलॉजी और हाइड्रोजन पर रिसर्च होगी। इसके लिए मुख्यमंत्री ईवी आर एंड डी ग्रांट के तहत 15 करोड़ रुपये का फंड तैयार किया जाएगा।
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2030 तक बड़ा लक्ष्य
ओडिशा सरकार का लक्ष्य है कि 2030 तक नई रजिस्टर्ड गाड़ियों में से 50 प्रतिशत ईवी हों। 2036 तक यह लक्ष्य 70 प्रतिशत और 2047 तक 80 प्रतिशत करने की योजना है। नई नीति 31 दिसंबर 2030 तक लागू रहेगी।
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