दिल्ली सरकार ने कमर्शियल गाड़ी को प्राइवेट में बदलने के लिए कुछ नए नियम जारी किये हैं। दिल्ली ऐसा शहर है, जहां सबसे ज्यादा कॉमर्शियल गाड़ियों को प्राइवेट में कन्वर्ट किया जाता है। दिल्ली परिवहन विभाग का कहना है कि अगर कोई टैक्सी या किसी अन्य कमर्शियल वाहन को बदलने के लिए अप्लाई करता है, तो उसका फिटनेस प्राइवेट व्हीकल की तरह किया जायेगा।
साथ ही, आवेदक के रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट को प्राइवेट कैटेगरी में बदला जायेगा और हाथों-हाथ ही उसे नया रजिट्रेशन नंबर जारी कर दिया जायेगा। वहीं ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट चोरी के कॉमर्शियल वाहनों के मामलों में देरी से फिटनेस के लिए एफआईआर की तारीख तक जुर्माना लगाएगा। साथ ही, जहां फिटनेस संभव नहीं है और फिटनेस लागू नहीं होती है, ऐसे मामलों में सॉफ्टवेयर में बदलाव किए जाएंगे।
वहीं जिन लोगों ने किसी दूसरे राज्य में अपनी वाहन को ट्रांसफर कराने के लिए एनओसी के लिए आवेदन किया है, उन पर नगर निगम के पार्किंग चार्जेज नहीं लगाये जाएंगे। हालांकि एक महीने के लिए पार्किंग राशि चुकानी होगी, क्योंकि एनओसी की वैधता 30 दिन तक ही होती है। ट्रांसपोर्ट विभाग को कहना है कि इस सुविधा के दुरुपयोग को रोकने के लिए, फिटनेस केवल एक महीने के लिए दी जाएगी। अगर वाहन मालिक किसी अन्य राज्य में अपना वाहन रजिस्टर्ड नहीं करता है, तो एनओसी और फिटनेस की वैधता खत्म हो जाएगी।