दोपहिया सेगमेंट में मांग और निर्यात दोनों को सहारा
रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल से दिसंबर 2026 के बीच घरेलू दोपहिया बिक्री में सालाना आधार पर 10 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई है। इसके साथ ही निर्यात बाजारों में भी बिक्री बेहतर हुई है। एक्सिस सिक्योरिटीज का मानना है कि ग्रामीण मांग में संभावित उछाल, सरकारी उपभोग बढ़ाने वाले कदम और नए मॉडल लॉन्च घरेलू बिक्री को और गति दे सकते हैं।
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तिपहिया सेगमेंट का शानदार प्रदर्शन जारी
तिपहिया वाहन सेगमेंट ने अन्य कैटेगरी के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन जारी रखा है। घरेलू थोक बिक्री में सालाना आधार पर 49 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। खास तौर पर दिसंबर में इस सेगमेंट में 80 प्रतिशत की तेज बढ़त देखी गई, जो मजबूत मांग परिस्थितियों की ओर इशारा करती है।
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पैसेंजर व्हीकल्स में स्थिर लेकिन मजबूत बढ़त
पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट में अप्रैल-दिसंबर 2026 के दौरान लगभग 6 प्रतिशत की सालाना वृद्धि दर्ज की गई। इसमें कई बड़े ऑटो निर्माताओं का योगदान रहा। रिपोर्ट के मुताबिक, आने वाले महीनों में जीएसटी दरों में कमी और ग्राहकों के लिए बेहतर कीमतें इस सेगमेंट को हाई सिंगल-डिजिट ग्रोथ की ओर ले जा सकती हैं। हालांकि ब्रोकरेज ने यहां सतर्क आशावाद जताया है।
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कमर्शियल व्हीकल्स को फ्रेट डिमांड से सहारा
कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट में भी सकारात्मक संकेत मिले हैं। घरेलू बिक्री में सालाना आधार पर 9 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जो फ्रेट डिमांड में सुधार को दर्शाती है। एक्सिस सिक्योरिटीज को उम्मीद है कि FY26 में बस सेगमेंट की मजबूत मांग के चलते पूरे कमर्शियल व्हीकल उद्योग में हाई सिंगल-डिजिट ग्रोथ देखने को मिल सकती है।
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ट्रैक्टर सेगमेंट को कृषि क्षेत्र की मजबूती का लाभ
ट्रैक्टर सेगमेंट ने अनुकूल कृषि परिस्थितियों का भरपूर फायदा उठाया है। अप्रैल-दिसंबर अवधि में घरेलू ट्रैक्टर बिक्री में 21 प्रतिशत की सालाना बढ़त दर्ज की गई। रिपोर्ट के मुताबिक, अच्छे मानसून, जलाशयों के उच्च स्तर, मजबूत रबी बुवाई और बेहतर खरीफ फसल आगे भी इस सेगमेंट को सपोर्ट करते रहेंगे।
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2026 तक ग्रोथ की राह पर ऑटो सेक्टर
कुल मिलाकर, एक्सिस सिक्योरिटीज की रिपोर्ट यह संकेत देती है कि नीति समर्थन, ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सुधार और बेहतर अफोर्डेबिलिटी 2026 तक भारतीय ऑटो उद्योग को स्थिर ग्रोथ पथ पर बनाए रखेंगे। सभी प्रमुख सेगमेंट्स में संतुलित लेकिन व्यापक विस्तार की संभावना जताई गई है।
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