बंद रहने का समय क्या होगा?
फ्लाईवे पर काम रोज रात 11 बजे से सुबह 6 बजे तक किया जा रहा है। इस दौरान नोएडा से दिल्ली की ओर फ्लाईवे पूरी तरह बंद रहेगा।
इस दौरान कौन-से डाइवर्जन लागू रहेंगे?
बंद घंटों में वाहनों को चिल्ला बॉर्डर के रास्ते डायवर्ट किया जाएगा।
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नोएडा एक्सप्रेसवे/मायामाया फ्लाईओवर की ओर से आने वाले वाहन दलित प्रेरणा स्थल होते हुए चिल्ला के जरिए दिल्ली जाएंगे।
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सेक्टर 16 और रजनीगंधा चौक से आने वाले वाहनों को यू-टर्न लेकर चिल्ला की ओर भेजा जाएगा।
ट्रैफिक पुलिस ने यात्रियों को अग्रिम योजना, अतिरिक्त समय रखने और वैकल्पिक मार्ग अपनाने की सलाह दी है।
मरम्मत का काम कौन कर रहा है और क्यों जरूरी था?
इस रीसर्फेसिंग का काम नोएडा टोल ब्रिज कंपनी लिमिटेड (NTBCL) कर रही है, जो फ्लाईवे के रखरखाव की जिम्मेदार है।
कंपनी के अनुसार, बिटुमिन-आधारित सड़क कार्य के लिए उचित तापमान और सामग्री की स्थिर आपूर्ति जरूरी होती है। इससे पहले प्रदूषण नियंत्रण प्रतिबंध और सर्द मौसम के कारण काम में देरी हुई थी।
कितना काम पूरा हो चुका है?
अधिकारियों के मुताबिक, अब तक करीब 70 प्रतिशत रीसर्फेसिंग पूरी हो चुकी है। शेष हिस्से पर काम जारी है और मार्च तक पूरे कॉरिडोर की मरम्मत पूरी होने की उम्मीद है।
पहले चरण में क्या हुआ था और लागत कितनी है?
यह हाल के वर्षों में फ्लाईवे का दूसरा बड़ा अपग्रेड है।
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पहला चरण (2023): G20 शिखर सम्मेलन से पहले, 5 करोड़ रुपये की लागत से सड़क गुणवत्ता और सुरक्षा पर फोकस किया गया।
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वर्तमान चरण: अनुमानित लागत 6 करोड़ रुपये है।
DND फ्लाईवे का महत्व क्या है?
फरवरी 2001 में शुरू हुआ यह 9.2 किमी लंबा, आठ लेन वाला फ्लाईवे नोएडा को दिल्ली के महारानी बाग क्षेत्र से जोड़ता है और रोज़ाना करीब 2.5 लाख यात्रियों को सेवा देता है।
टोल बंद होने के बावजूद रखरखाव कौन करता है?
हालांकि 2016 में अदालत के आदेश के बाद फ्लाईवे पर टोल वसूली बंद कर दी गई थी, लेकिन रखरखाव की जिम्मेदारी NTBCL के पास ही है। सुप्रीम कोर्ट ने दिसंबर 2024 में टोल प्रतिबंध को फिर से बरकरार रखा।
यात्रियों के लिए जरूरी सलाह क्या है?
रात के समय यात्रा करने वाले यात्री डाइवर्जन मैप देखकर निकलें, अतिरिक्त समय रखें और जहां संभव हो वैकल्पिक मार्ग अपनाएं। ताकि देरी और असुविधा से बचा जा सके।