ग्लोबल लेवल पर मैन्युफैक्चरिंग में भारी कटौती
निसान ने इस हफ्ते ही घोषणा की थी कि वह अपने ग्लोबल प्रोडक्शन प्लांट्स की संख्या 17 से घटाकर 10 करना चाहता है। और इसके तहत करीब 15 प्रतिशत कर्मचारियों की छंटनी भी की जाएगी। इसका मकसद कंपनी को घाटे से उबार कर एक मजबूत दिशा में ले जाना है।
भारत में भविष्य पर सस्पेंस
भारत को लेकर भी अनिश्चितता बनी हुई है। हाल ही में मार्च में कंपनी ने घोषणा की थी कि उसका फ्रांसीसी पार्टनर Renault (रेनो), उनकी जॉइंट कंपनी Renault Nissan Automotive India Private Ltd (RNAIPL), रेनो निसान ऑटोमोटिव इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (आरएनएआईपीएल) में निसान की हिस्सेदारी खरीद लेगा। इससे भारत में निसान की उत्पादन भूमिका घटने की संभावना पहले ही जताई जा रही थी।
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अभी तक कोई आधिकारिक फैसला नहीं
हालांकि, निसान ने अपनी वेबसाइट पर जारी बयान में कहा है कि कुछ प्लांट्स को बंद करने की खबरें अभी सिर्फ अटकलें हैं, और इनका आधार कोई आधिकारिक सूचना नहीं है। कंपनी ने कहा, "फिलहाल हम इस विषय पर कोई और टिप्पणी नहीं कर रहे हैं। जब कोई ठोस जानकारी होगी, हम अपने स्टेकहोल्डर्स को जरूर बताएंगे।"
नई रणनीति, पुराने फैसलों से अलग दिशा
नए सीईओ इवान एस्पिनोसा के आने के बाद कंपनी ने काफी आक्रामक कदम उठाए हैं। यह रणनीति पहले के सीईओ माकाटो उचिदा से काफी अलग है, जो उत्पादन बढ़ाने और घरेलू फैक्ट्रियों को चालू रखने के पक्ष में थे।
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बिक्री में भारी गिरावट
कंपनी की बिक्री की बात करें तो वित्त वर्ष 2024 में निसान ने करीब 33 लाख गाड़ियां बेचीं, जो 2017 के मुकाबले 42 प्रतिशत कम है।
मैक्सिको प्लांट में फोकस और बदलाव
निसान ने बताया है कि वह अपनी Frontier (फ्रंटियर) और Navara (नवारा) पिकअप ट्रकों का उत्पादन अब सिर्फ मैक्सिको के Civac (सिवाक) प्लांट में केंद्रीकृत करेगा। पहले ये गाड़ियां मैक्सिको और अर्जेंटीना दोनों में बनती थीं।
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जापान में कौन-कौन से प्लांट रहेंगे चालू
अगर ओप्पामा और शोनान प्लांट बंद होते हैं, तो निसान के पास जापान में तीन ही असेंबली प्लांट रहेंगे - तोचिगी, निसान मोटर क्यूशू और निसान शताई क्यूशू। सूत्रों का कहना है कि घरेलू मांग और निर्यात के लिए यही तीन प्लांट काफी हैं।
ओप्पामा और शोनान प्लांट का योगदान
ओप्पामा प्लांट की सालाना उत्पादन क्षमता करीब 2.4 लाख गाड़ियां है और यहां 3,900 कर्मचारी काम करते हैं। 2010 में यहीं से निसान की पहली इलेक्ट्रिक कार Leaf (लीफ) का उत्पादन शुरू हुआ था।
Shonan प्लांट में वाणिज्यिक वैन बनाई जाती हैं और इसकी सालाना क्षमता करीब 1.5 लाख यूनिट है। यहां 1,200 कर्मचारी कार्यरत हैं। अब सबकी नजरें भारत और बाकी देशों में Nissan के फैसले पर टिकी हैं, जहां से कंपनी के प्रोडक्शन रोलबैक या पूरी तरह से एग्ज़िट की संभावनाएं जताई जा रही हैं।
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