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FASTag KYV: एक फरवरी 2026 से नई कारों के फास्टैग पर केवाईवी प्रक्रिया होगी खत्म, एनएचएआई ने दी बड़ी राहत

Thu, 01 Jan 2026 07:18 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

NHAI ने 1 फरवरी, 2026 से सभी नई कार, जीप और वैन के लिए FASTag जारी करने के लिए जरूरी Know Your Vehicle (KYV) प्रोसेस को बंद करने का फैसला किया है।
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Toll Plaza - फोटो : PTI
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विस्तार
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नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) (एनएचएआई) ने आम वाहन चालकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए एक बड़ा फैसला लिया है। 1 फरवरी 2026 से नई कार, जीप और वैन के लिए जारी किए जाने वाले FASTag (फास्टैग) पर अब अनिवार्य 'अपने वाहन को जानें' (KYV) (केवाईवी) प्रक्रिया लागू नहीं होगी। इस बदलाव का मकसद हाईवे उपयोगकर्ताओं को फास्टैग एक्टिवेशन के बाद होने वाली परेशानियों और अनावश्यक उत्पीड़न से राहत देना है।
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आम लोगों को मिलेगी बड़ी राहत
एनएचएआई के अनुसार, इस सुधार से लाखों सड़क उपयोगकर्ताओं को फायदा होगा, जो अब तक फास्टैग जारी होने के बाद केवाईवी से जुड़ी औपचारिकताओं के कारण देरी और असुविधा झेल रहे थे। यह समस्या तब भी सामने आती थी, जब वाहन मालिकों के पास सभी वैध दस्तावेज मौजूद होते थे। प्राधिकरण ने कहा कि नई व्यवस्था से फास्टैग इस्तेमाल करने का अनुभव पहले से कहीं अधिक सरल और सुगम हो जाएगा।

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मौजूदा FASTag पर भी KYV अनिवार्य नहीं
प्राधिकरण ने यह भी स्पष्ट किया कि कारों के लिए पहले से जारी किए गए फास्टैग पर भी केवाईवी को नियमित शर्त के रूप में लागू नहीं किया जाएगा। यानी, जिन वाहन मालिकों के फास्टैग पहले से सक्रिय हैं, उन्हें सामान्य परिस्थितियों में केवाईवी कराने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

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शिकायत होने पर ही लागू होगी KYV जांच
हालांकि, एनएचएआई ने यह भी कहा कि कुछ विशेष मामलों में केवाईवी की आवश्यकता बनी रहेगी। यदि फास्टैग ढीला होने, गलत तरीके से जारी होने या दुरुपयोग से जुड़ी कोई शिकायत मिलती है, तो ऐसी स्थिति में केवाईवी प्रक्रिया अपनाई जा सकती है। इसके अलावा, अगर कोई शिकायत दर्ज नहीं होती है, तो मौजूदा फास्टैग धारकों से केवाईवी की मांग नहीं की जाएगी।

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एक्टिवेशन से पहले जांच प्रक्रिया होगी सख्त
केवाईवी प्रक्रिया को हटाने के साथ-साथ एनएचएआई ने फास्टैग जारी करने से पहले की जांच व्यवस्था को और मजबूत किया है। अब जारीकर्ता बैंकों के लिए VAHAN डेटाबेस के आधार पर फास्टैग एक्टिवेशन का सत्यापन अनिवार्य कर दिया गया है। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि फास्टैग सही वाहन के लिए ही जारी और सक्रिय हो, और भविष्य में किसी तरह की गड़बड़ी की गुंजाइश कम हो।

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