भारत सरकार के अधीन काम करने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) अगले वित्तीय वर्ष 2025-26 में देशभर में 124 नए राजमार्ग और एक्सप्रेसवे परियोजनाओं की बिडिंग प्रक्रिया शुरू करने जा रहा है। इन परियोजनाओं की कुल लागत करीब ₹3.4 लाख करोड़ आंकी गई है। एनएचएआई के अनुसार, इन योजनाओं के तहत कुल 6,376 किलोमीटर लंबाई के हाईवे तैयार किए जाएंगे।
इनमें कुछ अहम प्रोजेक्ट्स भी शामिल हैं, जिन्हें अलग-अलग निर्माण मॉडल्स के तहत बोली के लिए लाया जाएगा। गोरखपुर से किशनगंज और फिर सिलीगुड़ी तक का 476 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (HAM) के तहत विकसित किया जाएगा। वहीं थराड, डीसा, महेसाणा होते हुए अहमदाबाद तक का 106 किलोमीटर लंबा मार्ग बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर (BOT) मॉडल पर बनाया जाएगा।
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इसके अलावा जम्मू-कश्मीर में श्रीनगर के पंपोर से लेकर काजीगुंड तक के 48 किलोमीटर लंबे नेशनल हाईवे-44 खंड की क्षमता बढ़ाने के लिए इंजीनियरिंग प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन (EPC) मॉडल के तहत सर्विस रोड और ग्रेड सेपरेटेड स्ट्रक्चर का निर्माण किया जाएगा।
सरकार की इस बड़ी योजना का उद्देश्य देश की कनेक्टिविटी को बेहतर बनाना और लॉजिस्टिक्स लागत को घटाना है। इस बिडिंग योजना से न केवल इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में गति आएगी, बल्कि देश की आर्थिक गतिविधियों को भी बल मिलेगा। एनएचएआई द्वारा जारी किए गए ये नए प्रोजेक्ट्स आने वाले वर्षों में भारत के राजमार्ग नेटवर्क को और अधिक मजबूत और आधुनिक बनाने में मदद करेंगे।