एनएचएआई नेशनल हाईवे-48 के इस हिस्से को दिसंबर 2025 तक बंगलूरू-मैसूर एक्सप्रेसवे की तरह ही एक एक्सेस कंट्रोल्ड (पहुंच नियंत्रित) एक्सप्रेसवे बनाने जा रहा है।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) जल्द ही नेलमंगाला से तुमकुरु और आगे चित्तरदुर्ग तक जाने वाले यात्रियों के लिए रफ्तार भर देगा। एनएचएआई नेशनल हाईवे-48 के इस हिस्से को दिसंबर 2025 तक बंगलूरू-मैसूर एक्सप्रेसवे की तरह ही एक एक्सेस कंट्रोल्ड (पहुंच नियंत्रित) एक्सप्रेसवे बनाने जा रहा है।
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एनएचएआई ने तुमकुरु रोड पर दो टोल प्लाजा बंद कर देगा और नेलमंगाला-तुमकुरु नेशनल हाईवे को दिसंबर 2025 तक एक पहुंच नियंत्रित बनाने के लिए एक नया टोल प्लाजा बनाएगा। एनएचएआई बढ़ते यातायात को पूरा करने के लिए नेलमंगाला टोल प्लाजा को मौजूदा छह लेन से 10 लेन तक चौड़ा भी कर रहा है। यह रास्ता जमीनी स्तर पर चलेगा और दोनों तरफ से घेरा हुआ होगा।
एनएचएआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मीडिया को बताया, "हम चोकनहल्ली और कुलुमेपल्या टोल प्लाजा को बंद कर देंगे और NH-48 पर रायलपल्या में एक नया टोल प्लाजा बनाएंगे। मौजूदा दो टोल प्लाजा एक दूसरे के करीब हैं। नया टोल प्लाजा स्थापित करने और मौजूदा सड़क को छह लेन तक चौड़ा करने का काम चल रहा है। काम पूरा करने की लक्ष्य तिथि अगस्त 2025 थी। लेकिन भूमि अधिग्रहण के मुद्दों के कारण धीमी हो गई है। इसे दिसंबर 2025 तक पूरा कर लिया जाएगा।"
जिन दो टोल प्लाजा को ध्वस्त किया जा रहा है, उनका निर्माण 2004 में हुआ था। जब प्रतिदिन यात्री कार यूनिट की गणना सिर्फ 85,000 थी। इस समय, बंगलूरू से चित्तरदुर्ग जाने वाले यात्री कुलुमेपल्या टोल प्लाजा पर 25 रुपये, चोकनहल्ली पर 20 रुपये, तुमकुरु और सिरा के बीच काराजीवनहल्ली पर 100 रुपये और हीरियूर और चित्तरदुर्ग के बीच स्थित गुइलालू पर 100 रुपये का भुगतान करते हैं।
अधिकारी ने कहा, "नए प्लाजा पर टोल अभी तय नहीं हुआ है। गोरगुंटेपल्या से नेलमंगाला पहले से ही पहुंच नियंत्रित है और अब नेलमंगाला से तुमकुरु के बीच के अंतराल को पाटने का काम चल रहा है। धीरे-धीरे चित्तरदुर्ग तक इसे एक पहुंच नियंत्रित खंड बना दिया जाएगा। इसका लक्ष्य यातायात की भीड़ को कम करना और आवागमन को निर्बाध और तेज बनाना है।"
क्या है पहुंच नियंत्रित एक्सप्रेसवे
पहुंच नियंत्रित खंड वह होता है जहां कोई भी बिना टोल दिए प्रवेश नहीं कर सकता है, ऐसा नहीं करने पर जुर्माना लगाया जाएगा। अधिकारी ने कहा कि भविष्य में सभी राजमार्ग और एक्सप्रेसवे पहुंच नियंत्रित होंगे।
नेलमंगाला टोल प्लाजा के खिलाफ बहुत सी शिकायतें
एनएचएआई के अधिकारियों और नागरिकों के अनुसार, नेलमंगाला टोल प्लाजा इस प्लाजा से फास्टैग खातों से पैसे कटने की शिकायतों के लिए कुख्यात है। भले ही यात्री ने इससे यात्रा न की हो।
अधिकारी ने कहा, "हमें शिकायतें मिल रही हैं और इस मामले को मंत्रालय को भेज दिया गया है। ठेकेदार को भी कारण बताओ नोटिस भेजा गया, और उसे बदल दिया गया। लेकिन समस्याएं बनी हुई हैं। इस प्लाजा की समस्या यह है कि यह घेरा हुआ नहीं है। वहां एक RFID रीडर है जो वाहन का डिटेल्स रिकॉर्ड करता है। अगर यह काम नहीं करता है, तो कर्मचारी वाहन नंबर मैन्युअल रूप से लिखते हैं और उन्हें सर्वर में डालते हैं। वे मैन्युअल एंट्री करते समय गलतियां करते हैं। जिसके कारण हमें शिकायतें मिल रही हैं।"