अमेरिकी इलेक्ट्रिक कार कंपनी टेस्ला ने शंघाई में एक विशाल बैटरी फैक्ट्री की शुरुआत की है। जैसा कि चीनी सरकारी मीडिया ने बताया है। यह चीन के फाइनेंशियल हब (वित्तीय केंद्र) में टेस्ला का दूसरा प्लांट है। इस परियोजना की घोषणा पिछले अप्रैल में की गई थी। जब कंपनी के प्रमुख एलन मस्क ने निवेशकों को विकास में तेजी लाने के लिए एक अस्पष्ट लेकिन महत्वाकांक्षी योजना पेश की थी।
हालांकि, कंपनी ने पिछले महीने तिमाही आय में 55 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की। जो कि अत्यधिक प्रतिस्पर्धी बाजार में ईवी की बिक्री में गिरावट को दर्शाता है। सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने बताया कि नए शंघाई कारखाने को प्रति वर्ष टेस्ला की मेगापैक बैटरी की 10,000 यूनिट्स बनानी चाहिए।
टेस्ला का कहना है कि मेगापैक का लक्ष्य एनर्जी को स्टोर करना और बिजली ग्रिड के लिए आपूर्ति को स्थिर करना है। जिसमें प्रत्येक यूनिट तीन मेगावाट-घंटे से ज्यादा पावर का भंडारण करने में सक्षम है। सरकारी मीडिया ने मई में बताया कि कारखाने से 2025 में बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू होने की उम्मीद है।
कंपनी के उपाध्यक्ष ताओ लिन ने शिन्हुआ को बताया, "मेरा मानना है कि नया प्लांट शंघाई और टेस्ला दोनों के लिए एक मील का पत्थर है।" उन्होंने कहा, "ज्यादा खुले वातावरण में, हम चीन में निर्मित बड़े पैमाने पर ऊर्जा-भंडारण बैटरी के साथ वैश्विक बाजार की आपूर्ति कर सकते हैं।"
मस्क के चीन में व्यापक व्यावसायिक हित हैं और वे वहां की काफी यात्राएं करते हैं। अप्रैल में, उन्होंने चीन के प्रधान मंत्री ली क्वियांग से मुलाकात की, और टेस्ला के स्थानीय रूप से उत्पादित ईवी के लिए एक महत्वपूर्ण सुरक्षा मंजूरी हासिल की।
मस्क के चीन में हितों को लेकर वाशिंगटन में लंबे समय से भौंहें चढ़ाई जा रही हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने अतीत में कहा था कि विदेशी देशों से उनके संबंध जांच के "लायक" हैं। टेस्ला का यह बैटरी प्लांट चीनी शहर में कंपनी का दूसरा प्लांट होगा। इससे पहले 2019 में विशाल शंघाई गीगाफैक्ट्री की शुरुआत की गई थी।