भारतीय नई कारों का बाजार अपनी ऊंचाईयों पर है और बाजार के लिए यह नजारा शानदार है। हाल के दिनों की तुलना में इस साल ग्राहकों की मांग काफी ज्यादा रही है। और मजबूत संकेत हैं कि लगभग हर निर्माता ने इस साल अक्तूबर और नवंबर में दशहरा, धनतेरस और दिवाली की अवधि में तेज कारोबार किया है। लेकिन क्या 2023 के आखिरी महीने इस भीड़ के बिल्कुल उलट होने की संभावना है? शायद नहीं।
मास-मार्केट पर बाजार के साथ-साथ लग्जरी कार बाजार में नए और अपडेटेड मॉडल की लॉन्चिंग भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग में निर्णायक चर्चा के प्रमुख कारकों में से एक है। सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) के आंकड़ों के मुताबिक, इस साल अक्तूबर में पिछले साल के इस महीने की तुलना में ज्यादा कारें बिकीं, करीब 3.89 लाख यूनिट्स। नवंबर भी इसी तर्ज पर रहने की ज्यादा संभावना है। कई ऑफर्स और डील से भी मामले में मदद मिली होगी। जबकि आपूर्ति और उत्पादन दबाव कम होने से डिलीवरी की समयसीमा आसान हो गई है। लेकिन किसी भी कैलेंडर वर्ष के आखिरी दो महीने उत्साह को रोके जाने की चुनौती भी लेकर आते हैं।
जिन लोगों ने सर्दियों के पीक महीनों में खरीदारी की योजना को थोड़ा आगे बढ़ा दिया था, उनके लिए अभी भी कुछ अच्छी खबर हो सकती है।
चूंकि उत्पादन लगभग सामान्य स्तर पर वापस आ गया है। इसलिए इसकी ज्यादा संभावना है कि विभिन्न ब्रांडों के डीलरों के पास कम से कम कुछ मॉडलों की एक्सट्रा यूनिट्स होंगी जिन्हें वे खत्म करना चाहेंगे। यह खास तौर पर उन कार मॉडलों के लिए सच है जो बिल्कुल नए नहीं हैं। और कम से कम एक वर्ष या उससे ज्यादा समय से मौजूद हैं।
देश में लगभग हर ब्रांड के कम से कम कुछ मॉडलों पर ऑफर पहले से ही उपलब्ध हैं। डीलरशिप लेवल पर कारों पर आकर्षक ऑफर और स्कीम चल रही हैं, जिन्हें आगे बढ़ाया जा सकता है।