मुंबई के कोस्टल रोड (तटीय मार्ग) की उत्तरी सुरंग का उद्घाटन मोटर चालकों के लिए मंगलवार को हुआ था। पहले दिन कुल 20,450 कारों ने इसका इस्तेमाल किया था। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, बुधवार को सुबह 7 बजे से शाम 8 बजे के बीच 17,910 वाहन इस सुरंग से गुजरे। यह भूमिगत सुरंग मरीन ड्राइव से शुरू है और मोटर चालकों को ब्रीच कैंडी तक ले जाती है। ऑटोमैटिक वाहन काउंटर अभी तक स्थापित नहीं होने के कारण, फिलहाल इसकी मैन्युअल रूप से निगरानी की जा रही है।
रिपोर्ट के अनुसार, पहले दिन मंगलवार को शाम 7 बजे से 8 बजे के बीच 2,080 कारों के साथ सबसे ज्यादा ट्रैफिक दर्ज किया गया। इसके बाद 5 बजे से 6 बजे के बीच 1,770 वाहन और शाम 6 बजे से 7 बजे के बीच 1,650 वाहन दर्ज किए गए। इसकी तुलना में, मार्च में दक्षिणी सुरंग से, संचालन के पहले दिन, 16,331 वाहन गुजरे थे।
समय और खोले गए रूट की डिटेल्स
सड़क का उत्तरी खंड वर्तमान में सिर्फ हाजी अली तक ही चालू है। जहां आठ में से सिर्फ चार इंटरचेंजर आर्म्स इस्तेमाल में हैं। उत्तर की ओर जाने वाली सड़क सिर्फ सप्ताह के दिनों में सुबह 7 बजे से रात 11 बजे तक खुली रहती है। रिपोर्ट में बीएमसी के एक अधिकारी के हवाले से बताया गया है कि सड़क के शेष हिस्से पर काम वीकेंड और आधी रात के बाद किया जा रहा है। जिसके लिए इन समयों के दौरान इसे बंद करना पड़ता है।
पूरे रास्ते के अक्तूबर तक तैयार होने की उम्मीद है। वर्तमान में, उत्तर और दक्षिण की ओर जाने वाली भुजाएं चरणों में चल रही हैं। बीएमसी के अधिकारियों ने कहा कि दक्षिण की ओर जाने वाली भुजा जुलाई के आखिर तक मरीन ड्राइव और बांद्रा-वर्ली सी लिंक (बीडब्ल्यूएसएल) के बीच पूरी तरह से चालू हो जाएगी।
2025 के आखिर तक बनने वाला है प्रोमेनेड और हरित क्षेत्र
जहां तटीय सड़क के चारों ओर का प्रोमेनेड जल्द ही बनकर तैयार हो जाएगा। वहीं जॉगिंग ट्रैक, साइकिल ट्रैक, बटरफ्लाई गार्डन और बीएमसी द्वारा प्रस्तावित अन्य ओपन-एयर सुविधाओं जैसे खुले स्थानों के लिए इंतजार जारी रहेगा। इन सुविधाओं पर काम मानसून के बाद शुरू होगा। और इसे पूरा करने में कम से कम एक और वर्ष या उससे ज्यादा का समय लगने की उम्मीद है। जिसकी अनुमानित लागत 1,000 करोड़ रुपये है। इसके अलावा, 1,857 क्षमता वाली भूमिगत कार पार्किंग स्पेस के दिसंबर 2025 तक ही बनकर तैयार होने की संभावना है।
मुंबई कोस्टल रोड के बारे में
मुंबई कोस्टल रोड सुरंगों, वाहनों के आदान-प्रदान और पुलों से युक्त 10.6 किलोमीटर लंबा हाई-स्पीड कॉरिडोर है। मुंबई तटीय मार्ग को बनाने में 13,983.8 करोड़ रुपये की लागत आई। जिसमें 9,383.7 करोड़ रुपये की निर्माण लागत और अन्य प्रशासनिक शुल्क शामिल हैं।