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MACT: दाहिना हाथ व नौकरी गंवाने वाली महिला को एमएसआरटीसी दे 55 लाख रुपये, जानिए एमएसीटी ने क्यों दिया आदेश

Sat, 08 Nov 2025 01:42 PM IST
जागृति ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

MACT Order: महाराष्ट्र के ठाणे जिले की मोटर एक्सीडेंट क्लेम्स ट्रिब्यूनल (एमएसीटी) ने एक सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हुई महिला को 55 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है।

 

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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : ANI
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विस्तार
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महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (एमएसआरटीसी) को एक दर्दनाक सड़क हादसे में घायल महिला को 55 रुपए लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया गया है। यह आदेश मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (एमएसीटी) ने उस मामले में दिया है जिसमें एक महिला ने न केवल अपना दाहिना हाथ खो दिया, बल्कि नौकरी भी गंवा दी।

यह है पूरा मामला

यह हादसा 24 अगस्त 2021 को नासिक-पुणे राजमार्ग पर हुआ था। 36 वर्षीय कंचन शाम कुते शिवाजीनगर जा रही थीं और राज्य परिवहन बस में यात्रा कर रही थीं। रास्ते में खेड के पास बस अचानक बिजली के खंभे से टकरा गई और पलट गई। इस भयानक दुर्घटना में कंचन गंभीर रूप से घायल हुईं और उनके दाहिने हाथ के नीचे के हिस्से में क्रश इंजरी हुई, जिसके चलते हाथ काटना पड़ा। हाथ खोने के बाद वे अपना रोजगार भी नहीं बचा पाईं और मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार उन्हें 70 प्रतिशत स्थायी विकलांगता घोषित किया गया।

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चालक की गलती साबित की

एमएसआरटीसी ने अपनी ओर से दावा किया कि हादसा ब्रेक फेल होने की वजह से हुआ था, लेकिन अधिकरण ने इस दलील को खारिज कर दिया और कहा कि बस की गति इतनी अधिक थी कि चालक नियंत्रण नहीं रख पाया। उसने कंडक्टर को तो ब्रेक फेल होने का संकेत दिया, लेकिन यात्रियों को सुरक्षित रखने के लिए कोई कदम नहीं उठाया। इस आधार पर एमएसीटी आरवी मोहिते ने माना कि दुर्घटना में पूरी जिम्मेदारी एमएसआरटीसी की है।

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 55 लाख मुआवजा और ब्याज का आदेश

अधिकरण ने आदेश दिया कि एमएसआरटीसी महिला को 55 लाख रुपये का मुआवजा और उस पर नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज दुर्घटना की तारीख से लेकर भुगतान की तारीख तक देना होगा। यह फैसला करीब तीन साल बाद आया है, लेकिन न्यायालय ने साफ कहा कि महिला ने न सिर्फ शारीरिक नुकसान झेला, बल्कि अपने रोजगार और आजीविका का अधिकार भी खोया।

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