ईंधन की कीमतों के दबाव के बीच वाहन मालिकों को अब गाड़ियों के थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस प्रीमियम में बढ़ोतरी का भी सामना करना पड़ सकता है। सूत्रों के अनुसार, मोटर थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस प्रीमियम की दरों की समीक्षा की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। नई दरें इस साल के अंत तक अधिसूचित की जा सकती हैं। इससे पहले वर्ष 2022 में थर्ड-पार्टी बीमा दरों में बदलाव किया गया था। अब बीमा कंपनियां लंबे समय से बीमा नियामक आईआरडीएआई से प्रीमियम बढ़ाने की मांग कर रही हैं।
क्लेम के बढ़ते दबाव से कंपनियों की परेशानी बढ़ी
क्यों बढ़ सकती हैं थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस की दरें?
इससे पहले कब हुआ था बदलाव?
इससे पहले मोटर थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस की दरों में 2022 में बदलाव किया गया था। अब नई समीक्षा के बाद अगर प्रीमियम में बढ़ोतरी होती है, तो कार और दोपहिया समेत कई तरह के वाहनों के मालिकों को पहले की तुलना में ज्यादा प्रीमियम देना पड़ सकता है। हालांकि, नई दरों का अंतिम स्वरूप और अलग-अलग श्रेणियों के वाहनों के लिए कितना बदलाव होगा, यह नई दरें अधिसूचित होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
वाहन मालिकों के लिए क्या बदलेगा?
अगर थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस का प्रीमियम बढ़ता है तो वाहन मालिकों की सालाना बीमा लागत बढ़ सकती है। इसका असर कारों के साथ-साथ दोपहिया वाहनों पर भी पड़ सकता है। फिलहाल दरों की समीक्षा अंतिम चरण में होने की बात सामने आई है। ऐसे में वाहन मालिकों को साल के अंत तक नई दरों का इंतजार करना होगा। नई दरें लागू होने के बाद ही यह साफ होगा कि अलग-अलग वाहन श्रेणियों के लिए प्रीमियम में कितना बदलाव किया गया है।