आदेश में न्यायाधिकरण ने कंपनी को मीना महेंद्र सिंह (47) को 27,63,304 रुपये का भुगतान करने को कहा। जिनके बेटे सागर महेंद्र सिंह की 1 मार्च, 2020 को एक कार द्वारा मोटरसाइकिल को टक्कर मारने के बाद मृत्यु हो गई थी।
सागर सिंह मानव संसाधन परामर्श फर्म यूएनएच मैनेजमेंट सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड में ऑपरेशन एग्जीक्यूटिव के पद पर कार्यरत थे। उनकी मां द्वारा दायर याचिका के अनुसार, जब वह अपनी मोटरसाइकिल पर नवी मुंबई के ऐरोली स्थित अपने घर की ओर जा रहे थे, तो उनकी गाड़ी को एक कार ने टक्कर मार दी, जिसे लापरवाही से चलाया जा रहा था।
सागर सिंह, परिवार का एकमात्र कमाने वाला और सहारा था, जिसकी दुर्घटना में मौत हो गई।
कार की मालकिन पूजा अनिल अग्रवाल थी और ड्राइवर कार चला रहा था।
चूंकि कार का मालिक पहले ही मर चुका था और उस पर एकपक्षीय मुकदमा दर्ज था। इसलिए न्यायाधिकरण ने बीमा कंपनी को उत्तरदायी ठहराया।
लेकिन बीमा कंपनी ने याचिका को खारिज करने की मांग की। बीमा कंपनी ने तर्क दिया कि वाहन के मालिक की घटना से पहले ही मृत्यु हो चुकी थी, और चालक के पास ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था। हालांकि, एमएसीटी ने कहा कि बीमाकर्ता सिर्फ इसलिए जिम्मेदारी से नहीं बच सकता क्योंकि बीमित व्यक्ति की मृत्यु हो गई थी।
न्यायाधिकरण ने सिंह की आय के आधार पर मुआवजे की गणना की। इसने आदेश दिया कि मुआवजे पर याचिका दायर करने की तारीख से लेकर राशि की वसूली तक 7.50 प्रतिशत प्रति वर्ष ब्याज लगेगा।