भारतीय ऑटोमोबाइल समूह महिंद्रा का लोगो
भारतीय ऑटोमोबाइल समूह महिंद्रा और अमेरिका की फोर्ड मोटर एक बार फिर साथ मिलकर काम करेंगी। इन दोनों कंपनियों के बीच प्रॉडक्ट्स, टेक्नोलॉजी, डिस्ट्रीब्यूशन और इलेक्ट्रिक कारों जैसे मामलों में मिलकर काम करने के लिए तीन साल की साझेदारी हुई है। इससे पहले भी ये दोनों कंपनियां साथ काम कर चुकी हैं, वो करार 1998 में समाप्त हुआ था। महिंद्रा और फोर्ड ने अपने संयुक्त रूप से जारी बयान में कहा, "फोर्ड की वैश्विक पहुंच और विशेषज्ञता और महिंद्रा के भारत में बड़े पैमाने पर सफल संचालन मॉडल का लाभ उठाने के लिए दोनों कंपनियां रणनीतिक भागीदारी पर सहमत हुई हैं।"
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इससे पहले फोर्ड ने 1995 के मध्य में महिंद्रा के साथ पार्टनरशिप में भारत में बिजनेस शुरू किया था, लेकिन तीन साल बाद दोनों की राहें अलग हो गई। फोर्ड ने इंडिया में खुद का बिजनेस करने का फैसला लिया था। हालांकि इस पार्टनरशिप से महिंद्रा को काफी फायदा हुआ था। महिंद्रा एंड महिंद्रा ट्रैक्टर बनाने वाली कंपनी से बढ़कर एसयूवी के सेक्टर में भी आ गई थी। महिंद्रा को स्कॉर्पियो व अन्य मॉडल्स विकसित करने में काफी मदद मिली थी।
बयान में कहा गया, "दोनों कंपनियों के बीच हुआ समझौता ग्लोबल मोटर व्हीकल बिजनेस में दोनों कंपनियों को अपनी पारस्परिक ताकत का लाभ उठाने का अवसर देगा।" फोर्ड के कार्यकारी उपाध्यक्ष और वैश्विक बाजारों के अध्यक्ष जिम फारले ने एक बयान में कहा, "फोर्ड भारत के प्रति प्रतिबद्ध है और यह साझेदारी हमें सबसे अच्छे वाहन और सेवाओं को प्रदान करने में मदद करेगा।" महिंद्रा एंड महिंद्रा लि. के प्रबंध निदेशक पवन गोयनका ने कहा, "यह गठबंधन फोर्ड के साथ साझेदारी की पिछली नींव पर रखी गई है और इससे दोनों कंपनियों के लिए अवसर खुलेगा।"