मुंबई में पांच एंट्री (प्रवेश) और एक्जिट (निकास) पॉइन्ट (बिंदु) हैं। जिनका इस्तेमाल लोग दूसरे क्षेत्रों में यात्रा करते समय करते हैं। ये हैं दहिसर, एलबीएस रोड-मुलुंड, ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे-मुलुंड, ऐरोली क्रीक ब्रिज और वाशी। इन प्रवेश और निकास बिंदुओं पर वाहनों के उच्च दबाव के कारण, यात्रियों को अक्सर भीड़भाड़ का सामना करना पड़ता है और लंबे समय तक प्रतीक्षा करने की शिकायत होती है। हालांकि, महाराष्ट्र सरकार द्वारा टोल शुल्क माफी की घोषणा के साथ, भीड़भाड़ में काफी कमी आने की उम्मीद है।
इस फैसले की घोषणा करते हुए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि इस कदम से समय और ईंधन की बचत होगी। उन्होंने यह भी दावा किया कि इससे पर्यावरण प्रदूषण भी कम होगा। शिंदे ने कहा, "मुंबई के प्रवेश बिंदुओं पर टोल माफ करने की मांग लंबे समय से की जा रही थी। मेरे सहित कई कार्यकर्ताओं ने इसी मांग को लेकर अदालत का दरवाजा खटखटाया था... यह एक मास्टरस्ट्रोक फैसला है।"
मुंबई में इन पांचों टोल प्लाजा में से किसी से भी प्रवेश करने के लिए हल्के मोटर वाहनों से 45 रुपये से 75 रुपये के बीच शुल्क लिया जाता था। अब से, हल्के वाहन मालिकों को शहर में प्रवेश करते समय यह शुल्क नहीं देना पड़ेगा। साथ ही, इससे प्रवेश बिंदुओं पर वाहनों की भीड़ कम होगी और कुल यात्रा समय में कमी आएगी। भीड़भाड़ कम होने से पर्यावरण प्रदूषण भी कम होगा।