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Maharashtra Aggregator Policy: सवारी रद्द करने वाले ड्राइवरों पर लगेगा जुर्माना, ओला-उबर पर सरकार की सख्ती

Wed, 30 Apr 2025 06:13 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

अब अगर कोई कैब ड्राइवर आपकी बुकिंग कैंसल करता है, तो उस पर तुरंत जुर्माना लगाया जाएगा। खास बात ये है कि ये जुर्माना सीधे उसी वक्त यात्री के अकाउंट में ट्रांसफर भी किया जाएगा।
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कैब सर्विस - फोटो : ANI
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विस्तार
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अब अगर कोई कैब ड्राइवर आपकी बुकिंग कैंसल करता है, तो उस पर तुरंत जुर्माना लगाया जाएगा। खास बात ये है कि ये जुर्माना सीधे उसी वक्त यात्री के अकाउंट में ट्रांसफर भी किया जाएगा। पहले तक ऐसा होता था कि अगर ग्राहक ने बुकिंग कैंसल की, तो उससे चार्ज वसूला जाता था, लेकिन अब ये नियम ड्राइवर पर भी लागू होगा। 
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सर्ज प्राइस अब 1.5 गुना से ज्यादा नहीं
राज्य सरकार ने तय किया है कि अब कैब कंपनियां (जैसे ओला, उबर आदि) किराए में मनमानी नहीं कर पाएंगी। सरकार ने "एग्रीगेटर कैब्स पॉलिसी 2025" के तहत यह तय किया है कि कोई भी कंपनी सामान्य किराए से 1.5 गुना से ज्यादा सर्ज चार्ज नहीं लगा सकती। पहले कुछ मामलों में ये किराया 3 से 5 गुना तक भी पहुंच जाता था, खासकर पीक ऑवर्स में। अब एप का एल्गोरिदम भी इस हिसाब से बदला जाएगा ताकि यह सीमा तय की जा सके।
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ड्राइवर को मिलेगा 80% किराया
इस नीति में यह भी तय किया गया है कि हर राइड के कुल किराए का कम से कम 80 प्रतिशत हिस्सा ड्राइवर को मिलना ही चाहिए। इससे ड्राइवर की आमदनी बेहतर होगी और वे राइड लेने से मना नहीं करेंगे, खासकर छोटे रूट्स के लिए। इससे यात्रियों को सुविधा मिलेगी। 

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महिलाओं की सुरक्षा होगी पहली प्राथमिकता
नई नीति में महिलाओं की सुरक्षा को भी खास तवज्जो दी गई है। अगर कोई महिला यात्री राइड शेयरिंग (राइड-पूलिंग) चुनती है, तो उसके साथ सिर्फ महिला ड्राइवर या महिला को-पैसेंजर ही यात्रा कर सकते हैं। साथ ही एप में महिला यात्रियों की प्राइवेसी को सुरक्षित रखने के फीचर्स भी अनिवार्य होंगे। कैब कंपनियों को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि यात्रा के दौरान पूरी सुरक्षा और भरोसे का माहौल हो।

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इमरजेंसी कॉन्टैक्ट की सुविधा और ड्राइवर का वेरिफिकेशन जरूरी
अब हर कैब एप में इमरजेंसी कॉन्टैक्ट की सुविधा देनी होगी ताकि जरूरत पड़ने पर यात्री मदद मांग सके। साथ ही, हर ड्राइवर का पुलिस और दूसरी एजेंसियों द्वारा बैकग्राउंड वेरिफिकेशन भी अनिवार्य कर दिया गया है। इसका मकसद है यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना।

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लो रेटिंग वालों को ट्रेनिंग जरूरी
अगर किसी ड्राइवर की रेटिंग 5 में से 2 से कम है, तो उसे अनिवार्य रूप से कुछ दिनों के लिए ट्रेनिंग कैंप में जाना होगा। यह रेटिंग यात्रियों द्वारा हर ट्रिप के बाद दी जाती है, जिससे ड्राइवर की गुणवत्ता का पता चलता है। सरकार इसे सख्ती से लागू करेगी।

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ड्राइवर के परिवार की भी होगी चिंता
नीति में ड्राइवर और उनके परिवार की भलाई को भी शामिल किया गया है। इसमें मेडिकल इंश्योरेंस और दूसरी सुविधाओं का प्रावधान किया गया है, जिससे ड्राइवरों को सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा मिल सके।

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सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर बनी है यह नीति
यह पूरी नीति सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के आधार पर बनाई गई है। इसको तैयार करने के लिए एक कमेटी गठित की गई थी, जिसकी अध्यक्षता सुधीर कुमार श्रीवास्तव कर रहे थे। मोटर व्हीकल एक्ट और नियमों के मुताबिक ही इसे लागू किया गया है। 

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