कर्नाटक सरकार ने स्पष्ट किया है कि राज्य में कारपूलिंग पर कोई प्रतिबंध नहीं है। राज्य के परिवहन मंत्री रामलिंगा रेड्डी ने कहा है कि कारपूलिंग पर कोई प्रतिबंध नहीं है। रेड्डी ने बताया कि लेकिन इन्हें कानूनी रूप से संचालित करने के लिए जरूरी अनुमति लेना जरूरी है।
रेड्डी ने ट्वीट किया, "कारपूलिंग पर प्रतिबंध नहीं है, यह झूठी खबर है। पहले, उन्हें अनुमति लेने दीजिए। जब उन्होंने अनुमति नहीं ली है तो प्रतिबंध लगाने का सवाल कहां है? सभी को नियमों और विनियमों का पालन करना चाहिए। यह अवैध है। कारपूलिंग उद्देश्यों के लिए सफेद नंबर प्लेट वाले गैर-व्यावसायिक निजी वाहनों का इस्तेमाल करें। उचित दिशानिर्देशों का पालन करके पीले नंबर प्लेट वाले वाणिज्यिक वाहनों का उपयोग कारपूलिंग के लिए किया जा सकता है।"
कर्नाटक के परिवहन मंत्री का यह बयान टैक्सी और ऑटो एसोसिएश की ओर से कारपूलिंग एप के संचालन को बंद करने की मांग के बीच आया है। एसोसिएशन ने कहा था कि कारपूलिंग एप का संचालन अवैध रूप से किया जा रहा है।
परिवहन मंत्री और कारपूलिंग एप एग्रीगेटर्स की बैठक
कर्नाटक के परिवहन मंत्री रामलिंगा रेड्डी ने कारपूलिंग एप के मुद्दे से जुड़े जरूरी पहलुओं पर बात करने के लिए कारपूल ऐप एग्रीगेटर्स के साथ मंगलवार के एक बैठक तय की है।
क्या होती है कारपूलिंग
बंगलूरु में ट्रैफिक की समस्या के समाधान के लिए कारपूलिंग को भी एक समाधान माना जाता है। शहर की सड़कों पर पीक आवर्स के दौरान ट्रैफिक जाम को कम करने के लिए लोग कारपूलिंग करते हैं। टेक कंपनियों के कर्मचारी दफ्तर जाने के लिए कारपूलिंग सर्विस का खूब इस्तेमाल करते हैं। हाल ही में टैक्सी एसोसिएशनों ने चिंता जताई थी कि कारपूलिंग सर्विस उनके रोजाना के आय को प्रभावित कर रही है। एसोसिएशन ने मांग की है कि सरकार कारपूलिंग एप पर प्रतिबंध लगाए और उनकी समस्याओं का समाधान करे।
ऑटोरिक्शा चालक संघ के साथ टैक्सी संघों ने बंगलूरु बंद का आयोजन किया। परिवहन मंत्री रामलिंगा रेड्डी को अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन भी सौंपा। ऑटोरिक्शा चालकों द्वारा रखी गई प्रमुख मांगों में से एक बाइक टैक्सियों पर प्रतिबंध लगाना है।