हालांकि, एक यूजर ने प्रशासन के इस नए कदम को लेकर चिंता जताई है। यूजर ने ट्वीट किया कि इस वेबसाइट का डेटा असुरक्षित लगता है। उनके अनुसार, जिस भी वाहन पर जुर्माना राशि बकाया है, उसका मालिक और उसका पता बिना किसी गोपनीयता के वेबसाइट पर दिखाई दे रहा है।
एडीजीपी ने यूजर को आश्वासन दिया है कि यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले के नाम और पते को अगले 24 घंटों के लिए छिपा दिया जाएगा।
वेबसाइट शुरू होने से पहले, ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों को जुर्माना राशि का भुगतान करने के लिए अपने इलाके के संबंधित ट्रैफिक स्टेशनों पर जाना पड़ता था। जुर्माना राशि का भुगतान कर्नाटक वन या बंगलूरू वन वेबसाइट के जरिए भी किया जाता था। अब, सिर्फ ट्रैफिक जुर्माना राशि जमा करने के लिए एक अलग वेबसाइट खुलने से ट्रैफिक स्टेशनों पर बोझ कम होने की उम्मीद है। इससे जुर्माना राशि का ऑनलाइन भुगतान करने की सुविधा मिलेगी। एडीजीपी यातायात एवं सड़क सुरक्षा आलोक कुमार के मुताबिक, अभी तक 3.25 करोड़ ट्रैफिक उल्लंघन से संबंधित मामले लंबित हैं।
इतने भारी संख्या में मामलों के बावजूद, मार्च के आखिर तक 1700 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला जा सका। अब बंगलूरू शहर से 1,425 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला किया जाना बाकी है। इतने बड़े पैमाने पर जुर्माना राशि वसूली बंगलूरू पुलिस के लिए एक कठिन काम बन गया था। जिसके कारण उन्होंने इस मामले में जनता की राय मांगी।
पुलिस ने परिवहन विभाग को भी मोटर वाहन अधिनियम में संशोधन पर विचार करने के लिए लिखा है। पुलिस के अनुसार, इससे कई बार ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों को जब्त करने और उनकी नीलामी की अनुमति मिलेगी। परिवहन विभाग (प्रवर्तन, दक्षिण) के अतिरिक्त आयुक्त सी मल्लिकार्जुन का कहना है कि यह एक व्यावहारिक समाधान नहीं है।