नितिन गोयल की कहानी
नितिन गोयल को इस नीति की वजह से अपनी 2013 की जगुआर लैंड रोवर, जिसे उन्होंने 65 लाख रुपये में खरीदा था, हिमाचल प्रदेश के एक शख्स को सिर्फ 8 लाख रुपये में बेचना पड़ा। इसके अलावा, उनकी 10 साल पुरानी मर्सिडीज सी क्लास 220 सीडीआई स्पोर्ट्स लिमिटेड एडिशन, जिसे उन्होंने 40 लाख रुपये में खरीदा था, सिर्फ 4 लाख रुपये में बिकी। गोयल का सवाल था कि अगर बीएस-4 गाड़ियों को 2020 तक बेचने की इजाजत थी, तो 2013 में बनी ऐसी ही गाड़ियां अचानक इस्तेमाल के लिए अनुपयुक्त कैसे हो गए? अब उन्होंने एक जगुआर एफ-पेस खरीद ली है।
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दिल्ली सरकार का पत्र
दिल्ली सरकार ने गुरुवार को वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) से पुरानी गाड़ियों पर लगे ईंधन प्रतिबंध को निलंबित करने की अपील की। जो इस प्रतिबंध के लागू होने के सिर्फ दो दिन बाद की गई थी। दिल्ली के पंपों को निर्देश दिया गया था कि वे 10 साल से पुरानी डीजल और 15 साल से पुरानी पेट्रोल गाड़ियों को ईंधन न दें। इस प्रतिबंध के खिलाफ लोगों के गुस्से के बाद, दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि यह प्रतिबंध व्यवहारिक नहीं है। और इसे लागू करने में तकनीकी दिक्कतें आ रही हैं। सिरसा ने कहा कि लोग इस प्रतिबंध से नाखुश हैं और बीजेपी सरकार उनके साथ खड़ी है।
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उन्होंने सीएक्यूएम को लिखे पत्र में कहा, "कई महत्वपूर्ण परिचालन और बुनियादी ढांचे से जुड़ी चुनौतियों की वजह से इस आदेश को अभी लागू करना संभव नहीं है। वास्तव में, इसे तुरंत लागू करना जल्दबाजी और संभावित रूप से नुकसानदेह हो सकता है।" सरकार ने यह भी कहा कि वह दिल्ली में पुरानी गाड़ियों की आवाजाही पर लगे प्रतिबंधों से जुड़ी समस्याओं को सुलझाने के लिए हर संभव कोशिश करेगी।
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जब्त गाड़ियों को वापस कैसे पाएं
1 जुलाई को ईंधन प्रतिबंध लागू होने के बाद एक दर्जन से ज्यादा चार-पहिया और 60 से अधिक दोपहिया वाहनों को जब्त किया गया था। जब्त गाड़ियों को वापस पाने के लिए तीन शर्तें पूरी करनी होंगी। सबसे पहले, एक हलफनामा देना होगा कि गाड़ी को दिल्ली से बाहर किसी अन्य राज्य में ले जाया जाएगा। दूसरा, 10,000 रुपये का चालान भरना होगा। तीसरा, परिवहन विभाग द्वारा गाड़ी को जब्त करने में हुए खर्च को भी गाड़ी के मालिक को चुकाना होगा।
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