कार के इंजन को लंबे समय तक चलाने के लिए इंजन ऑयल की जरूरत होती है। लेकिन इसे कब बदलना सही होता है और ऐसा ना करने पर क्या नुकसान हो सकता है। आइए जानते हैं।
अक्सर लोग इस बात से अनजान होते हैं कि कार में डाले हुए इंजन ऑयल की भी एक उम्र होती है। अगर समय पर इसे ना बदला जाए तो यह फायदे की जगह नुकसान पहुंचाता है। हम इस खबर में आपको बता रहे हैं कि कार के इंजन ऑयल को कब बदलना चाहिए।
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इंजन ऑयल कैसे बदलें
- फोटो : social
इंजन ऑयल बदलना है जरूरी
ज्यादातर लोग अपनी कार की सर्विस 10 हजार किलोमीटर पर करवाते हैं। कई बार कार को इतने किलोमीटर तक चलाने में काफी ज्यादा समय भी लग जाता है और कार में डाले हुए इंजन ऑयल का खराब होना भी शुरू हो जाता है। इसलिए समय पर इंजन ऑयल को बदलना काफी जरूरी होता है।
कब होता है एक्सपायर
इंजन ऑयल की उम्र दो से चार साल के बीच होती है। इससे ज्यादा इनका उपयोग नहीं करना चाहिए। ज्यादातर कार कंपनियां अपने ग्राहकों को पांच से 10 हजार किलोमीटर या करीब एक साल के अंदर इंजन ऑयल बदलने की सलाह देती हैं।
क्या होता है काम
इंजन ऑयल का काम इंजन के अंदरूनी पार्ट्स को सुरक्षित रखना और कार चलाते हुए इंजन के तापमान को कम रखना होता है। बाजार में कई तरह के इंजन ऑयल मिलते हैं, जिसमें सिंथेटिक और फुल सिंथेटिक जैसे ऑयल होते हैं। वहीं ग्रेड के मुताबिक भी बाजार में कई तरह के इंजन ऑयल उपलब्ध हैं।
क्या होता है नुकसान
अगर कार में डाला हुआ इंजन ऑयल लंबे समय तक उपयोग नहीं किया जाता तो फिर वह खराब भी हो जाता है। इसकी जांच करने के लिए थोड़ा सा इंजन ऑयल बाहर निकालना होता है और यह देखना चाहिए कि यह हल्के रंग में दिखने की जगह ज्यादा गाढ़ा और काला नहीं दिखता हो। इसके अलावा कई बार इंजन ऑयल खराब होने पर बदबू भी आने लगती है और कार चलाते समय ऐसे ऑयल के कारण सामान्य से ज्यादा धुआं भी निकलने लगता है।