NSE को दी गई जानकारी में साफ इनकार
अदाणी इंडस्ट्रीज ने 4 अगस्त 2025 को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) को दी गई एक फाइलिंग में कहा है, "हम ब्लूमबर्ग की उस रिपोर्ट को पूरी तरह नकारते हैं, जिसमें अदाणी ग्रुप और चीनी कंपनियों बीवाईडी और बीजिंग वीलियोन न्यू एनर्जी के बीच साझेदारी की बात कही गई है। यह रिपोर्ट निराधार, गलत और भ्रामक है। अदाणी ग्रुप बीवाईडी के साथ भारत में बैटरी निर्माण को लेकर किसी भी तरह की साझेदारी की योजना नहीं बना रहा है। इसी तरह, बीजिंग वीलियोन न्यू एनर्जी के साथ भी किसी किस्म की बातचीत नहीं चल रही है।"
यह भी पढ़ें - VinFast: विनफास्ट ने तमिलनाडु में शुरू किया अपना पहला ईवी प्लांट, सालाना 1.5 लाख गाड़ियां बनाने का लक्ष्य
CATL की विजिट से अटकलें तेज
हालांकि, इन सबके बीच एक और बात चर्चा में है। अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी हाल ही में चीन की कंटेमपोरेरी एम्परेक्स टेक्नोलॉजी कंपनी लिमिटेड (CATL) के मुख्यालय गए थे। CATL दुनिया की सबसे बड़ी लिथियम-आयन बैटरी निर्माता कंपनी है। उनकी इस विजिट को लेकर यह कयास लगाए जा रहे हैं कि अदाणी ग्रुप भारत में क्लीन एनर्जी के क्षेत्र में कोई बड़ा निवेश करने की तैयारी में है।
यह भी पढ़ें - SUV: एसयूवी का क्रेज बन रहा है जानलेवा, इस वजह से बढ़ रही पैदल यात्रियों और साइकिल चालकों की मौतें
अब CATL से हो सकता है गठजोड़
बीवाई के साथ साझेदारी की खबरों का खंडन करने के बाद अब यह संभावना जताई जा रही है कि अदाणी ग्रुप जल्द ही CATL के साथ किसी साझेदारी की घोषणा कर सकता है। जिसके तहत भारत में एक गिगाफैक्ट्री (बड़े स्तर की बैटरी निर्माण यूनिट) की स्थापना हो सकती है।
यह भी पढ़ें - Satellite Toll Tax: सैटेलाइट-आधारित टोलिंग सिस्टम पर समिति ने की सिफारिश, सुरक्षा और गोपनीयता को लेकर और विचार करें