भारत की सरकारी तेल कंपनी, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) ने भारतीय नौसेना को अत्याधुनिक हरित हाइड्रोजन ईंधन सेल (ग्रीन हाइड्रोजन फ्यूल सेल) बस सौंपी है।
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इस पहल का लक्ष्य भारी शुल्क वाले ई-मोबिलिटी के लिए हाइड्रोजन और ईंधन सेल तकनीक को बढ़ावा देना है। जिससे भारतीय नौसेना को कंपनी के सहयोग से इस तकनीक के मूल्यांकन में अग्रणी के रूप में स्थापित किया जाएगा।
कंपनी ने सोमवार को एक विज्ञप्ति में यह जानकारी दी। समझौता ज्ञापन (MoU) दोनों संस्थाओं के बीच नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी, इंडियन ऑयल के अध्यक्ष एस एम वैद्य और इंडियन ऑयल और भारतीय नौसेना के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए गए।
समझौता ज्ञापन का आदान-प्रदान नई दिल्ली के नौसेना भवन में भारतीय नौसेना के लॉजिस्टिक्स नियंत्रक वाइस एडमिरल दीपक कपूर और इंडियन ऑयल के कार्यकारी निदेशक डॉ कन्नन चंद्रशेखरन के बीच हुआ।
तेल प्रमुख के साथ सहयोग पर बोलते हुए, भारतीय नौसेना के प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी ने कहा, "इंडियनऑयल और भारतीय नौसेना के बीच की साझेदारी विश्वास के एक अटूट बंधन पर बनी है। हम हाइड्रोजन बसों में से एक का परीक्षण करेंगे और बड़ी संख्या में पर्यावरण-अनुकूल परिवहन को तैनात करने की आशा कर रहे हैं।
और मैं भारतीय नौसेना को अपने साझेदार के रूप में चुनने के लिए इंडियनऑयल को धन्यवाद देता हूं। यह बस हमारे आदर्श वाक्य को सुशोभित करेगी - 'भारतीय नौसेना - युद्ध के लिए तैयार, विश्वसनीय, एकजुट और भविष्य के लिए तैयार बल।'"
इंडियन ऑयल के अध्यक्ष एस एम वैद्य ने इस पहल के बारे में अपना उत्साह व्यक्त करते हुए कहा, "आज, हम भारतीय नौसेना को इस एडवांस्ड हरित हाइड्रोजन ईंधन सेल बस के जरिए स्थायित्व और पर्यावरणीय संरक्षण की हमारी साझा खोज में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मनाने के लिए एक साथ आते हैं। जो इनोवेशन और ग्रीन टेक्नोलॉजी के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का प्रतीक है।" उन्होंने आगे कहा, "जैसा कि हम अपने रक्षा बलों को भविष्य की जरूरतों को पूरा करने वाले अभिनव, दूरंदेशी समाधानों के साथ समर्थन देना जारी रखते हैं। इंडियनऑयल हरित हाइड्रोजन और ईंधन सेल प्रौद्योगिकियों को आगे बढ़ाने में अग्रणी रहा है।"
इंडियनऑयल इस समय दिल्ली-एनसीआर और गुजरात में 15 ईंधन सेल बसों का संचालन कर रहा है। जो कुल 300,000 किलोमीटर की दूरी तय करती हैं। जहां प्रत्येक बस से कम से कम 20,000 किमी चलने की उम्मीद है।
कंपनी के अनुसार, इस पहल का लक्ष्य भारी शुल्क वाले ई-मोबिलिटी के लिए हाइड्रोजन और ईंधन सेल तकनीक को बढ़ावा देना है। जिससे भारतीय नौसेना को भारत की प्रमुख ऊर्जा कंपनी इंडियन ऑयल के सहयोग से इस तकनीक के मूल्यांकन में अग्रणी के रूप में स्थापित किया जाएगा।
यह परियोजना दिल्ली एनसीआर क्षेत्र की कठिन जलवायु परिस्थितियों में सार्वजनिक परिवहन के लिए ईंधन-सेल इलेक्ट्रिक बसों के प्रदर्शन का आकलन करेगी। साथ ही स्थानीय ईंधन और वायु गुणवत्ता के ईंधन-सेल प्रणालियों और वाहनों के प्रदर्शन पर प्रभाव का विश्लेषण करेगी।
इसके अलावा, यह सार्वजनिक बेड़े के इस्तेमाल के लिए लक्षित ईंधन सेल बसों की प्रभावशीलता, दीर्घायु और परिचालन विश्वसनीयता का मूल्यांकन करेगा।
इससे पहले, रेटिंग एजेंसी मूडीज ने सरकारी स्वामित्व वाली तेल कंपनियों इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) के साथ-साथ अन्य प्रमुख सरकारी स्वामित्व वाली ऊर्जा इकाई भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) के लिए स्थिर दृष्टिकोण की पुष्टि की थी।
रेटिंग एजेंसी ने IOCL की मजबूत बैलेंस शीट को मान्यता दी, साथ ही भारत की सबसे बड़ी रिफाइनिंग और मार्केटिंग कंपनी के रूप में इसकी स्थिति को भी मान्यता दी।
इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) एक प्रमुख डाउनस्ट्रीम कंपनी है जो तेल शोधन और पेट्रोलियम उत्पादों, पेट्रोकेमिकल्स और प्राकृतिक गैस के विपणन और वितरण में विशेषज्ञता रखती है। कंपनी भारतीय स्टॉक एक्सचेंजों में सूचीबद्ध है और 30 जून 2024 तक भारत सरकार के पास 51.5 प्रतिशत स्वामित्व था।