1. कोलकाता, पश्चिम बंगाल - सबसे धीमा ट्रैफिक
कोलकाता ने देश के सबसे भीड़भाड़ वाले शहरों की सूची में पहला स्थान पाया है। यहां औसतन 10 किलोमीटर की दूरी तय करने में 34 मिनट 33 सेकंड लगते हैं। यानी हर छोटी दूरी भी लंबी यात्रा जैसी लगती है।
यह भी पढ़ें - Rapido: पहले हुई कार्रवाई, अब परिवार के इवेंट में स्पॉन्सर बना रैपिडो, विपक्ष के निशाने पर आए सरनाईक
2. बंगलूरू, कर्नाटक - हर साल और बिगड़ता हाल
बंगलूरू में 10 किलोमीटर की यात्रा में औसतन 34 मिनट 10 सेकंड लगते हैं। ये समय पिछले साल की तुलना में 50 सेकंड और बढ़ गया है। शहर का बढ़ता ट्रैफिक आईटी हब को और भी थका देने वाला बना रहा है।
यह भी पढ़ें - FASTag Annual Pass: 15 अगस्त से लागू होगा नया फास्टैग वार्षिक पास, जानें कीमत, वैधता और फायदे
3. पुणे, महाराष्ट्र - सालाना 108 घंटे ट्रैफिक में बर्बाद
पुणे तीसरे नंबर पर है, जहां 10 किलोमीटर की दूरी तय करने में 33 मिनट 22 सेकंड का वक्त लगता है। साल भर में औसतन 108 घंटे सिर्फ ट्रैफिक में फंसे रहने में ही निकल जाते हैं।
यह भी पढ़ें - Toll Tax: केरल हाई कोर्ट का फैसला- सुरक्षित और सुगम एक्सेस के बिना नहीं वसूली जा सकती टोल फीस
4. हैदराबाद, तेलंगाना - पीक ऑवर्स में बुरा हाल
हैदराबाद में औसतन 31 मिनट 30 सेकंड लगते हैं 10 किलोमीटर का सफर तय करने में। खासकर ऑफिस टाइम या पीक ऑवर्स में प्रमुख रास्ते पूरी तरह जाम हो जाते हैं।
यह भी पढ़ें - Car Parking: बंगलूरू में सैकड़ों लोगों को टैक्स नोटिस, वजह बनी पार्किंग एरिया की जानकारी नहीं देना! जानें पूरा मामला
5. चेन्नई, तमिलनाडु - सालाना 94 घंटे ट्रैफिक में
चेन्नई में 10 किलोमीटर की दूरी तय करने में करीब 30 मिनट 20 सेकंड लगते हैं। सालाना औसतन 94 घंटे लोग ट्रैफिक में फंसे रहते हैं, जो समय की बड़ी बर्बादी है।
यह भी पढ़ें - Volkswagen Touareg: 24 साल बाद बंद होगी फॉक्सवैगन की लग्जरी एसयूवी टॉरेग! जानें इस फैसले की वजह
6. मुंबई, महाराष्ट्र - ट्रैफिक से भरा 'सपनों का शहर'
मुंबई में औसतन 29 मिनट 26 सेकंड में 10 किलोमीटर का सफर पूरा होता है। यह इसे देश का छठा सबसे धीमा ट्रैफिक वाला शहर बनाता है।
यह भी पढ़ें - Volkswagen Taigun and Virtus: फॉक्सवैगन टाइगुन, वर्टस हुई अपडेट, स्पोर्ट्स लाइन में जुड़ा नया चमकदार रेड कलर
7. अहमदाबाद, गुजरात - 73 घंटे सालाना ट्रैफिक में जाया
अहमदाबाद में यही दूरी तय करने में औसतन 29 मिनट 3 सेकंड लगते हैं। इसके चलते एक आम यात्री का साल भर में करीब 73 घंटे ट्रैफिक में निकल जाता है।
यह भी पढ़ें - 2025 Nissan Magnite Kuro Edition: 2025 निसान मैग्नाइट कुरो एडिशन लॉन्च, जानें कीमत और फीचर्स
8. एर्नाकुलम, केरल - 88 घंटे हर साल की बर्बादी
केरल का एर्नाकुलम शहर भी इस सूची में शामिल है। यहां 10 किलोमीटर तय करने में करीब 28 मिनट 30 सेकंड लगते हैं और करीब 88 घंटे सालाना लोग ट्रैफिक में फंसे रहते हैं।
यह भी पढ़ें - Triumph Thruxton 400: ट्रायम्फ कैफे रेसर भारत में लॉन्च, रेट्रो लुक में दिखा नया अंदाज, जानें कीमत और खूबियां
9. जयपुर, राजस्थान - गुलाबी शहर की ट्रैफिक चुनौती
जयपुर में ट्रैफिक की स्थिति भी अच्छी नहीं है। औसतन 28 मिनट 28 सेकंड में 10 किलोमीटर तय होते हैं, जिससे हर साल करीब 83 घंटे ट्रैफिक में जाया हो जाते हैं।
यह भी पढ़ें - BS4 vs BS6: क्या इथेनॉल-मिश्रित फ्यूल सही है? कौन-सा ईंधन किस गाड़ी के लिए हो सकता है बेहतर
10. नई दिल्ली - राजधानी भी नहीं बची ट्रैफिक से
देश की राजधानी दिल्ली भी ट्रैफिक से जूझ रही है। यहां औसतन 23 मिनट 24 सेकंड में 10 किलोमीटर का सफर पूरा होता है। हर साल करीब 76 घंटे ट्रैफिक में फंसने में ही गुजर जाते हैं।
यह भी पढ़ें - SUV: एसयूवी का क्रेज बन रहा है जानलेवा, इस वजह से बढ़ रही पैदल यात्रियों और साइकिल चालकों की मौतें
क्या है समाधान
इन आंकड़ों से साफ है कि भारत के बड़े शहरों में ट्रैफिक अब सिर्फ एक बुनियादी दिक्कत नहीं, बल्कि एक गंभीर शहरी संकट बन चुका है। इससे न सिर्फ समय की बर्बादी हो रही है, बल्कि लोगों की मानसिक और शारीरिक थकान भी बढ़ रही है। भविष्य में स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट और सार्वजनिक परिवहन (पब्लिक ट्रांसपोर्ट) में निवेश ही इसका समाधान हो सकता है।
यह भी पढ़ें - Satellite Toll Tax: सैटेलाइट-आधारित टोलिंग सिस्टम पर समिति ने की सिफारिश, सुरक्षा और गोपनीयता को लेकर और विचार करें