केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि देश में सड़क हादसों की सबसे बड़ी वजह सुरक्षा नियमों की अनदेखी है। उन्होंने बताया कि हर साल करीब 5 लाख सड़क दुर्घटनाओं में 1.80 लाख लोगों की मौत हो जाती है, जिनमें सबसे ज्यादा संख्या युवाओं की है।
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने लोकसभा में सड़क सुरक्षा पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि देश में होने वाले अधिकतर सड़क हादसे सीधे तौर पर लोगों के व्यवहार और सुरक्षा नियमों की अनदेखी से जुड़े हैं। प्रश्नकाल के दौरान उन्होंने सभी सांसदों से अपने-अपने संसदीय क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा अभियान चलाने की अपील की।
विज्ञापन
युद्ध और महामारी से भी ज्यादा मौतें सड़क हादसों की भयावहता पर दुख जताते हुए गडकरी ने कहा, "हर साल देश में करीब 5 लाख सड़क दुर्घटनाएं होती हैं, जिनमें 1.80 लाख लोग अपनी जान गंवा देते हैं। यह संख्या किसी भी युद्ध या कोविड महामारी में हुई मौतों से भी अधिक है"।
उन्होंने चिंता जताई कि इन हादसों में जान गंवाने वाले ज्यादातर लोग युवा होते हैं। आंकड़ों के मुताबिक, सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली कुल मौतों में 18 से 34 वर्ष आयु वर्ग की हिस्सेदारी 66 प्रतिशत है।
विज्ञापन
सांसदों और स्पीकर से अपील गडकरी ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से सड़क सुरक्षा उपायों पर सदन में एक अलग चर्चा आयोजित करने का अनुरोध किया। ताकि सांसदों से सुझाव लिए जा सकें। इस पर अध्यक्ष ओम बिरला ने भी सदस्यों को अपने क्षेत्रों में अभियान चलाने के लिए प्रेरित किया और कहा कि अगले सत्र में इस विषय पर विस्तार से चर्चा की जा सकती है।
सरकार की अहम पहल और योजनाएं सड़क हादसों को रोकने और पीड़ितों की मदद के लिए मंत्री ने सरकार के जरिए उठाए गए कदमों की जानकारी भी दी। 'राह-वीर' योजना के तहत अगर कोई व्यक्ति सड़क हादसे के शिकार किसी पीड़ित को अस्पताल पहुंचाता है, तो उसे 'राह-वीर' कहा जाएगा। उस व्यक्ति को सरकार की ओर से 25,000 रुपये का इनाम दिया जाएगा।
सड़क दुर्घटना के पीड़ितों के 7 दिनों तक के इलाज के लिए सरकार अस्पतालों को 1.50 लाख रुपये तक की राशि प्रतिपूर्ति करेगी। सरकार ने देश भर में ऐसे 7,000 'ब्लैकस्पॉट्स' (जहां बार-बार हादसे होते हैं) की पहचान की है और उन्हें ठीक करने के लिए 40,000 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं।