देश भर में पिछले तीन महीनों में लगातार गर्मी की लहर के बाद, भारत में आखिरकार मानसून से पहले की बौछारें देखने को मिली हैं। जिसने लोगों को बहुत जरूरी राहत पहुंचाई है। हालांकि बारिश के साथ ही नई चुनौतियां भी सामने आती हैं। जो लोग नियमित रूप से वाहन चलाते हैं, खासकर उन क्षेत्रों में जहां जलभराव एक समस्या है, वे इसे बेहतर जानते हैं।
बड़े शहरी क्षेत्रों में, जहां सड़कों पर जलजमाव होना एक आम समस्या है, यह यात्रियों और वाहन चालकों के लिए मुसीबत बन जाता है। हम सभी में से लगभग सभी ने मानसून के दौरान लंबे ट्रैफिक जाम और वाहनों के फंसने का अनुभव किया है। कई ड्राइवरों के लिए बारिश के कारण सड़कों पर जलजमाव होने से उनके वाहन के फंसने और क्षतिग्रस्त होने का डर वास्तविक होता है।
यहां हम आपको कुछ जरूरी लाइफ सेविंग टिप्स बता रहे हैं। जिससे आप वाहन को कोई नुकसान पहुंचाए बाढ़ या जलजमाव वाली सड़कों से निपट सकते हैं।
जलभराव वाले क्षेत्रों से बचें
कहा जाता है कि बचाव इलाज से बेहतर होता है। जलभराव वाली सड़क से गुजरने और वाहन को नुकसान न पहुंचाने में सावधानी बरतने के बजाय, ऐसे रास्ते से बचना हमेशा सबसे अच्छा होता है। जहां जल स्तर वाहन के चेचिस के सबसे निचले हिस्से, जैसे फ्रंट बम्पर के नीचे या दरवाजे की दहलीज से ऊंचा हो, वहां से गाड़ी चलाने से बचें। ज्यादातर छोटी कारें गहरे पानी से नहीं गुजर सकतीं। वाहन को जोर से चलाने से एग्जॉस्ट बंद हो सकता है, रेडिएटर में पानी भर सकता है और इंजन में जा सकता है। जो कार के पावरट्रेन के लिए काफी नुकसानदेह हो सकता है। आमतौर पर, कई अंडरपासों में जलभराव होता है और तेज बारिश के बाद ऐसे अंडरपासों से बचना ही सबसे अच्छा है।
धीमे और स्थिर गति से चलाएं
यदि आप पानी के गड्ढे से गुजर रहे हैं तो धीमी और स्थिर रफ्तार ही सुरक्षा का मंत्र है। सुनिश्चित करें कि वाहन हमेशा रफ्तार में है और इसे गड्ढे के बीच में रुकने से बचाएं, जिससे पानी अंदरूनी हिस्सों में जा सकता है। साथ ही तेज रफ्तार से न बढ़ाएं और न ही अचानक ब्रेक लगाएं क्योंकि इससे कार रुक सकती है। पानी के गड्ढे से गुजरते समय कम गियर में गाड़ी चलाना सबसे अच्छा होता है।
खतरे वाले क्षेत्र से निकलने के बाद ही ब्रेक लगाएं
यह पिछली युक्तियों के अनुरूप है। पानी के गड्ढे में कभी भी ब्रेक न लगाएं। वाहन के बाढ़ वाले क्षेत्र से निकलने के बाद ही ब्रेक लगाएं। इससे ब्रेक शूज से नमी साफ हो जाएगी और यह सुनिश्चित होगा कि वे फिर से काम करने से पहले कुशलता से काम करें। पानी जमा होने से ब्रेक काम नहीं कर पाएंगे। जिसके कारण आखिरकार खतरनाक ड्राइविंग की स्थिति पैदा हो सकती है।
इंजन बंद हो जाने पर उसे दोबारा स्टार्ट न करें
यदि किसी पानी के गड्ढे के बीच में इंजन बंद हो जाता है, तो उसे फिर से स्टार्ट करने का प्रयास न करें। ऐसी स्थिति में कनेक्टिंग रॉड बहुत ज्यादा दबाव में आ जाती हैं। और पानी के दबाव के कारण इंजन को फिर से चालू करते समय आसानी से टूट सकती हैं। साथ ही, अगर हवा के रास्ते या धुएं के निकास के रास्ते पानी इंजन तक पहुंच जाता है, तो यह मोटर को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचा सकता है। जिसकी मरम्मत बहुत महंगी हो सकती है। इसलिए, यदि आपकी कार का इंजन पानी के बीच में बंद हो गया है, तो उसे बाहर निकालने की कोशिश करने के बजाय, उसे धक्का देकर पानी भरे क्षेत्र से बाहर निकालने की कोशिश करें।