देशभर में पेट्रोल पंपों पर ग्राहकों को ठगने की घटनाएं आम हैं। कई पेट्रोल पंपों के बारे में शिकायतें मिलती रहती हैं कि वे ग्राहकों को नए-नए तरीकों से धोखा देते हैं। हालांकि पेट्रोल या डीजल खरीदने वाले वाहन मालिक इन धोखाधड़ी की तरकीबों के बारे में सतर्क हो रहे हैं। लेकिन धोखेबाज भी ग्राहकों को ठगने के नए-नए तरीके ढूंढ रहे हैं।
यह बहुत आम बात है कि किसी ने पेट्रोल या डीजल भरवाते समय पेट्रोल पंप पर धोखा खाया हो। कई पेट्रोल पंप कम ईंधन देकर और ज्यादा पैसे लेने के विभिन्न तरीकों से ग्राहकों को धोखा देते हैं। हालांकि ईंधन भरवाने के लिए पेट्रोल पंप पर जाते समय हर एक चीज की जांच करना संभव नहीं हो सकता है। लेकिन सतर्क रहने से उपभोक्ता धोखा खाने से बच सकता है।
यहां हम आपको बता रहे हैं कि पेट्रोल भरवाने जाते समय आपको धोखाधड़ी से बचने के लिए किन महत्वपूर्ण टिप्स को फॉलो करना है।
ईंधन भरवाने से पहले मीटर को जोरी पर सेट करना सुनिश्चित करें
यह साफ है कि ईंधन भरवाने से पहले ईंधन डिस्पेंसर के मीटर को जीरो पर सेट करना सुनिश्चित करें। अगर ईंधन डिस्पेंसर शून्य पर सेट नहीं है, तो पंप अटेंडेंट से वाहन में ईंधन डालने से पहले इसे रीसेट करने के लिए कहें। अक्सर धोखेबाज मीटर को शून्य पर सेट करने का नाटक करते हैं लेकिन वास्तव में वे ज्यादा मात्रा से ईंधन भरना शुरू कर देते हैं। इससे कम ईंधन मिलता है, जबकि ज्यादा पैसे लिए जाते हैं।
विषम (ऑड) राशि का ईंधन खरीदें
धोखेबाज ग्राहक को धोखा देने के लिए कई तरह की कम ईंधन भरने की तरकीबें अपनाते हैं। उनमें से एक विशिष्ट राशि के लिए कम ईंधन की मात्रा निर्धारित करना है। आमतौर पर कई ग्राहक, विशेषकर दोपहिया वाहन मालिक, 100 रुपये या उसके गुणा में ईंधन खरीदते हैं। कई पेट्रोल पंपों पर, अटेंडेंट इन राशियों पर एक निश्चित ईंधन मात्रा निर्धारित करते हैं। जो वास्तविक मात्रा से कम होती है। इस तरह की धोखाधड़ी से बचने के लिए, 525 रुपये या 1,155 रुपये जैसे विषम (ऑड) राशि का ईंधन खरीदें। ऐसा करने से धोखेबाजों के लिए ग्राहक को धोखा देना मुश्किल हो जाता है।
अपने ईंधन की जांच करें
अक्सर कई पेट्रोल पंप अटेंडेंट वाहनों को हाई-ऑक्टेन ईंधन से भर देते हैं, जिसे आमतौर पर पावर पेट्रोल के रूप में जाना जाता है। वे अक्सर बिना वाहन मालिक से पूछे ऐसा करते हैं। साधारण कारों में, उच्च-ऑक्टेन ईंधन का कोई मतलब नहीं होता है। हाई ऑक्टेन पेट्रोल कार को नकारात्मक रूप से प्रभावित नहीं करता है लेकिन कोई फायदा भी नहीं देता है। हालांकि, इसकी वजह से उपभोक्ता को नियमित पेट्रोल की तुलना में ज्यादा पैसे देने पड़ते हैं। इसलिए, हमेशा जांच लें कि अटेंडेंट वाहन में कौन सा ईंधन डाल रहा है।
प्रतिष्ठित पेट्रोल पंप से ईंधन भरवाएं
प्रतिष्ठित पेट्रोल पंप से ईंधन भरवाना हमेशा अन्य पंपों से ईंधन भरवाने की तुलना में बढ़िया होता है। जिन प्रतिष्ठित पेट्रोल पंपों को आप जानते और भरोसा करते हैं, उनके पास हमेशा अच्छी तरह से प्रबंधित अटेंडेंट होते हैं। जिससे अन्य पंपों के अटेंडेंट की तुलना में स्थितियों से निपटना आसान हो जाता है।
मात्रा जांच करें
मात्रा जांच एक ऐसा कदम है जो ग्राहक कर सकता है। यदि उसे लगता है कि पेट्रोल पंप द्वारा दिया गया पेट्रोल या डीजल की मात्रा में गड़बड़ी है। इस तरह के संदेह के मामले में, आपको अटेंडेंट से मात्रा जांच के लिए कहना चाहिए। इस मामले में, अटेंडेंट एक कैलिब्रेटेड ईंधन कंटेनर को ईंधन की एक विशिष्ट मात्रा से भरता है। यदि कंटेनर तय निशान तक नहीं भरता है, तो पंप उपभोक्ता के साथ धोखा कर रहा है।