कितनी तैयार है आपकी गाड़ी?
इथेनॉल मिश्रित फ्यूल के अपने फायदे तो हैं लेकिन इनके नुकसान भी अनेक हैं। पुराने बीएस-3 या बीएस-4 वाहन केवल E10 फ्यूल से चलने के लिए तैयार किए गए हैं। इन वाहनों को E20 फ्यूल से चलाने पर दिक्कतें आ रही हैं और इन्हें रिपेयर करवाना सिरदर्द बन गया है। कई लोग इस कारण से अपनी पुरानी गाड़ियों को औने-पौने दाम पर बेचने को मजबूर हैं। पुरानी गाड़ियों को E20 फ्यूल से चलाने पर इंजन, फ्यूल पंप, इंजेक्टर और फ्यूल लाइन में खराबी आ रही है। इसके अलावा, गाड़ियों की मालइज में भी गिरावट आई है।
इथेनॉल से क्या है नुकसान?
इथेनॉल कोरोसिव नेचर यानी जंग लगाने वाली प्रवृत्ति का होता है। यह फ्यूल इंजन वॉल, इंजेक्टर रबर के पुर्जे समेत कई कंपोनेंट को धीरे-धीरे खराब करने लगता है। अगर वाहन E10 या E20 फ्यूल पर चलने के लिए तैयार नहीं है, तो इससे इंजन को काफी नुकसान पहुंच सकता है। यही नहीं, E27 फ्यूल के आने पर इंजन का भी E27 फ्यूल पर चलने लायक तैयार होना जरूरी है। E27 फ्यूल के लिए कंपनियों को फिर से इंजन के अहम कंपोनेंट्स में बदलाव कर उन्हें और टिकाऊ बनाना होगा।
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ग्राहकों के लिए चुनौती बन सकता है E27 फ्यूल
E10 और E20 से E20 इथेनॉल मिश्रित फ्यूल पर जाना काफी बड़ा बदलाव है। मौजूदा समय में वाहन कंपनियां गाड़ियों में E20 फ्यूल के दीर्घकालिक परिणाम का आकलन कर रही हैं। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि पर्याप्त परीक्षण और चरणबद्ध तरीके से इसे लागू किए बिना सरकार की योजनाएं इंजन के पुर्जों, गियर शिफ्टिंग को नुकसान पहुंचा सकती हैं, जिसका खामियाजा अंत में ग्राहकों को भुगतना पड़ेगा। इससे उपभोक्ताओं को भारी मरम्मत बिलों का सामना करना पड़ सकता है, और वारंटी कवरेज भी नहीं मिल पाएगा।