Electric Car Humming Sound: क्या आपने कभी गौर किया है कि आपकी इलेक्ट्रिक कार (EV) धीमी रफ्तार पर एक हल्की सी आवाज निकालती है? अक्सर नए खरीदार इसे इंजन की खराबी समझ लेते हैं, लेकिन असल में ये एवीएएस (Acoustic Vehicle Alerting System - AVAS) है। दरअसल इलेक्ट्रिक गाड़ियां इतनी शांत होती हैं कि पैदल चलने वालों को इनका पता नहीं चलता, इसीलिए सड़क सुरक्षा के लिए यह नकली आवाज अब अनिवार्य हो गई है।
इलेक्ट्रिक वाहनों की सबसे बड़ी खूबी उनकी शांती मानी जाती, लेकिन यही खामोशी भीड़भाड़ वाले भारतीय शहरों में हादसों का सबब बन सकती है। पेट्रोल-डीजल इंजन के शोर के बिना, पैदल चलने वाले या साइकिल सवार को पीछे से आती कार का अहसास नहीं होता। इसी सुरक्षा अंतराल को भरने के लिए ऑटोमोबाइल जगत में एवीएएस तकनीक को पेश किया गया है।
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क्या है एवीएएस तकनीक और यह कैसे काम करती है?
1. सुरक्षा का साउंड सिग्नेचर
एवीएएस एक ऐसा सिस्टम है जो कार के कम गति आमतौर पर 20 किमी/घंटा से नीचे पर चलते समय एक कृत्रिम आवाज पैदा करता है। यह आवाज इतनी नियंत्रित होती है कि शोर नहीं मचाती, लेकिन आसपास के लोगों को अलर्ट जरूर कर देती है।
2. हाइब्रिड कारों में भी है मौजूद
सिर्फ प्योर इलेक्ट्रिक ही नहीं, बल्कि मजबूत हाइब्रिड कारें (जैसे मारुति सुजुकी इनविक्टो या टोयोटा हाइक्रॉस) भी जब शुद्ध इलेक्ट्रिक मोड पर चलती हैं, तो वे पैदल यात्रियों को सतर्क करने के लिए इसी हल्की आवाज का सहारा लेती हैं।
3. प्रीमियम ब्रांड्स की सिग्नेचर ट्यून
टाटा मोटर्स जैसी घरेलू कंपनियों से लेकर लग्जरी ब्रांड्स तक, अब अपनी कारों के लिए खास साउंड डिजाइन तैयार कर रहे हैं। गाड़ी की रफ्तार बढ़ने या घटने के साथ यह आवाज भी बदलती है, जिससे ड्राइवर को बेहतर फीडबैक मिलता है और सड़क पर चलने वाले सुरक्षित रहते हैं।
सड़क सुरक्षा की ओर एक बड़ा कदम
दुनिया भर के कई विकसित देशों में एवीएस अब कानूनन अनिवार्य है। भारत में भी टाटा, महिंद्रा और हुंडई जैसी कंपनियां अपनी इलेक्ट्रिक कारों में इसे मानक (Standard) फीचर के रूप में दे रही हैं। ये न केवल एक नियम है, बल्कि स्मार्ट मोबिलिटी और सेफ मोबिलिटी के बीच का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।