अनिल विज, परिवहन मंत्री
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मंत्री की कड़ी प्रतिक्रिया और जांच के आदेश
परिवहन मंत्री अनिल विज ने मीडिया से बातचीत में कहा कि यह मामला बेहद गंभीर है और यह जांचना आवश्यक है कि इतनी बड़ी बोली लगाने वाले व्यक्ति की वास्तविक वित्तीय क्षमता क्या है। उन्होंने साफ कहा कि इस तरह की बोली लगाना केवल दिखावे के लिए नहीं होना चाहिए।
विज ने परिवहन विभाग को निर्देश दिया है कि सुधीर की आय के स्रोत, संपत्ति और आर्थिक स्थिति की विस्तृत जांच की जाए। इसके साथ ही आयकर विभाग को भी लिखित अनुरोध भेजा जा रहा है ताकि यह पता लगाया जा सके कि बोली लगाने वाला व्यक्ति वास्तव में इतनी बड़ी राशि देने में सक्षम था या नहीं।
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नीलामी प्रक्रिया पर उठे सवाल
मंत्री ने कहा कि हरियाणा में वीआईपी और फैंसी नंबर केवल नीलामी के माध्यम से ही उपलब्ध होते हैं। और कई लोग इन्हें प्रतिष्ठा तथा पहचान के लिए खरीदते हैं। लेकिन यदि लोग गंभीरता न दिखाते हुए केवल दिखावे के लिए ऊंची बोली लगाएं, तो यह राज्य व नीलामी प्रणाली दोनों के लिए चुनौती है।
उन्होंने कहा कि आगे से कोई भी व्यक्ति गलत वित्तीय दावों या कमजोर आर्थिक क्षमता के साथ बोली लगाने की हिम्मत न कर सके, इसके लिए यह जांच जरूरी है।
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HR88B8888 नंबर इतना खास क्यों है
इस नंबर की लोकप्रियता का सबसे बड़ा कारण इसका दृश्य पैटर्न है।
- HR - हरियाणा की राज्य कोड
- 88 - संबंधित जिले/आरटीओ का कोड
- B - वाहन सीरीज को दर्शाने वाला अक्षर
- 8888 - यूनिक चार-अंकों की संख्या
इस नंबर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि बड़े अक्षर B का आकार भी 8 जैसा दिखता है, जिससे यह पूरा नंबर एक लगातार आते '8' के पैटर्न जैसा प्रतीत होता है। इसी विजुअल अपील ने इसे बेहद प्रीमियम और दुर्लभ बना दिया, और कीमत करोड़ के पार चली गई।
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नंबर की नीलामी फिर से होगी
बोली की समय सीमा तक सुधीर द्वारा 1.17 करोड़ रुपये की पूरी राशि जमा न करने के कारण उनकी बोली रद्द कर दी गई। यह विशेष वीआईपी नंबर, जो बदहरा सब-डिवीजन (चर्खी दादरी) से जुड़ा है, अब दोबारा नीलामी में रखा जाएगा।
यह मामला अब केवल एक वीआईपी नंबर की नीलामी का नहीं रह गया। बल्कि राज्य की नीलामी प्रणाली की विश्वसनीयता और पारदर्शिता का बड़ा प्रश्न बन गया है।
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