दिसंबर से अब तक 232 वाहनों पर जुर्माना
परिवहन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 1 दिसंबर से लेकर सोमवार तक ग्रैप-4 के नियमों का उल्लंघन करने वाले 232 वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है। इन वाहनों को प्रतिबंध के बावजूद सड़कों पर चलने पर पकड़ा गया। जिसके बाद चालान और अन्य कानूनी कार्रवाई की गई।
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BS-6 से नीचे के वाहनों पर पूरी तरह रोक
ग्रैप-4 के तहत, जो पिछले शनिवार से लागू हुआ, BS-6 मानक से नीचे आने वाले सभी प्रकार के वाहनों पर सख्त प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसमें BS-4 श्रेणी के भारी मालवाहक वाहन भी शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम प्रदूषण को तत्काल नियंत्रित करने के लिए जरूरी है, क्योंकि ऐसे वाहन हवा में सबसे ज्यादा हानिकारक उत्सर्जन करते हैं।
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जरूरी सेवाओं को मिली सीमित छूट
परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में BS-6 श्रेणी के सभी वाहन पूरी तरह प्रतिबंध से मुक्त हैं। इसके अलावा, वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के निर्देशों के अनुसार, निचली श्रेणी के वे वाहन जो केवल आवश्यक और आपातकालीन सेवाओं में लगे हैं, उन्हें सीमित संचालन की अनुमति दी गई है। हालांकि, ऐसे वाहनों की भी सख्ती से निगरानी की जा रही है।
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सीमावर्ती इलाकों पर विशेष नजर
ग्रैप-4 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए परिवहन विभाग की पांच विशेष प्रवर्तन टीमें जिले में तैनात की गई हैं। इन टीमों का मुख्य फोकस नोएडा से सटे दिल्ली बॉर्डर के इलाकों पर है, जहां बाहरी वाहनों की आवाजाही अधिक रहती है। विभाग ट्रैफिक पुलिस के साथ समन्वय में काम कर रहा है, ताकि चेकिंग और कार्रवाई में कोई ढिलाई न रहे।
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चालान से करोड़ों का जुर्माना, वसूली जारी
परिवहन विभाग ने बताया कि चालू वित्त वर्ष 2025-26 में, यानी 1 अप्रैल 2024 से अब तक कुल 4,018 वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है। इनमें बिना वैध पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल (PUC) सर्टिफिकेट के वाहन चलाना और ग्रैप नियमों का उल्लंघन जैसे मामले शामिल हैं। इस अवधि में कुल लगभग 4.01 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है। जिसमें से अब तक करीब 1.49 करोड़ रुपये की वसूली की जा चुकी है।
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आगे भी जारी रहेगी सख्ती
अधिकारियों का कहना है कि जब तक वायु गुणवत्ता में सुधार नहीं होता, तब तक ग्रैप-4 के तहत सख्त निगरानी और कार्रवाई जारी रहेगी। परिवहन विभाग ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें, वैध दस्तावेज साथ रखें और प्रतिबंधित श्रेणी के वाहनों को सड़कों पर न निकालें, ताकि प्रदूषण नियंत्रण के प्रयासों को मजबूती मिल सके।
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