दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण पर लगाम लगाने और हवा को सांस लेने योग्य बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय (MoHUA) ने 'परिवर्तन' (PARIVARTAN) योजना के दिशानिर्देशों को अपनी हरी झंडी दे दी है। इसके साथ ही अब इस महत्वाकांक्षी योजना को धरातल पर उतारने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।
इस योजना का उद्देश्य दिल्ली-एनसीआर (NCR) में चल रहे पुराने और अधिक प्रदूषण फैलाने वाले ट्रकों तथा बसों को चरणबद्ध तरीके से हटाकर उनकी जगह BS-VI मानकों वाले या इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देना है। सरकार का मानना है कि इससे परिवहन क्षेत्र से होने वाले प्रदूषण में कमी आएगी और क्षेत्र की हवा पहले से ज्यादा साफ हो सकेगी।
PARIVARTAN का पूरा नाम है -
Programme for Accelerated Renewal and Incentivisation of Vehicle Assets for Reducing Transport Air Pollution and Network Emissions.
यह योजना दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों (NCR) में चलने वाले भारी वाहनों से होने वाले वायु प्रदूषण को रोकने के लिए तैयार की गई है:
पुराने और प्रदूषित वाहनों को बदलना:
इस योजना का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में चल रहे पुराने और अत्यधिक प्रदूषण फैलाने वाले ट्रकों और बसों को सड़कों से हटाना है।
क्लीनर ईंधन को बढ़ावा:
इन पुराने वाहनों की जगह आधुनिक, कम प्रदूषण फैलाने वाले BS-VI (भारत स्टेज-6) मानकों के अनुकूल वाहनों या फिर पूरी तरह से इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को लाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
बेहतर वायु गुणवत्ता (AQI):
यह योजना प्रदूषण पर लगाम लगाकर दिल्ली-एनसीआर के एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) में बड़ा सुधार करेगी, जिससे यहां के निवासियों को जहरीली हवा से असली राहत मिल सकेगी।
सरकार ने इस योजना के लिए कुल 9,585 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।
कुल बजट: 9,585 करोड़ रुपये
केंद्र सरकार का बजटीय सहयोग: 5,041 करोड़ रुपये
योजना को मंजूरी मिली: 3 जून
सरकार ने इस योजना के तहत पुराने वाहनों को बदलने के लिए कई तरह के प्रोत्साहन देने की व्यवस्था की है, ताकि अधिक से अधिक वाहन मालिक इसमें शामिल हों।
मोटर वाहन टैक्स में रियायत
रजिस्ट्रेशन शुल्क में पूरी छूट
वाहन ऋण पर 5 प्रतिशत ब्याज सबवेंशन
पात्र नए वाहनों पर कम से कम 8 प्रतिशत OEM छूट
डीजल और CNG रिप्लेसमेंट वाहनों के लिए हर महीने फ्यूल वाउचर सहायता
इलेक्ट्रिक वाहन लेने वालों के लिए एकमुश्त वित्तीय सहायता
सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट (CoD) ट्रेडिंग की सुविधा
इन प्रोत्साहनों का उद्देश्य पुराने वाहनों की जगह स्वच्छ तकनीक वाले वाहनों को अपनाना आर्थिक रूप से अधिक आसान बनाना है।
योजना के तहत राजस्थान, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली ने नई अधिसूचनाएं जारी की हैं।
इन राज्यों ने योजना के तहत खरीदे जाने वाले नए वाहनों के लिए-
10 वर्षों तक मोटर वाहन टैक्स में रियायत
रजिस्ट्रेशन शुल्क में पूरी छूट
देने का फैसला किया है।
सरकार का कहना है कि इससे पहले भी प्रदूषण फैलाने वाले भारी वाहनों की आवाजाही कम करने के लिए कई कदम उठाए जा चुके हैं।
अब PARIVARTAN योजना उसी दिशा में एक और बड़ा प्रयास है, जिसका उद्देश्य केवल पुराने वाहनों को हटाना नहीं, बल्कि दिल्ली-एनसीआर को ज्यादा स्वच्छ, स्वस्थ और टिकाऊ परिवहन व्यवस्था की ओर ले जाना भी है।
यदि योजना प्रभावी तरीके से लागू होती है, तो पुराने ट्रकों और बसों से होने वाले प्रदूषण में कमी आने के साथ-साथ पूरे क्षेत्र की वायु गुणवत्ता में भी सुधार देखने को मिल सकता है।