General Motors (जनरल मोटर्स) ने कहा है कि उसने पुणे के पास अपनी अब बंद हो चुकी भारतीय फैक्ट्री में श्रमिकों के साथ गतिरोध को सौहार्दपूर्ण ढंग से हल करने के लिए हर संभव कोशिश की है, जिसमें वैधानिक आवश्यकता से सात गुना ज्यादा मुआवजे की पेशकश भी शामिल है। इसके बाद भी 1000 से ज्यादा बर्खास्त श्रमिकों ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी है।
हड़ताल कर रहे पूर्व कर्मचारी बेरोजगारी और Hyundai Motor India (ह्यूंदै मोटर इंडिया) द्वारा उन्हें नौकरी पर नहीं रखे जाने का विरोध कर रहे हैं। जिसके लिए ह्यूंदै ने तलेगांव प्लांट हासिल करने के लिए एक प्रारंभिक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। जीएम के एक प्रवक्ता ने कहा कि अमेरिकी वाहन निर्माता अब ह्यूंदै मोटर इंडिया के साथ अंतिम समझौते पर हस्ताक्षर करने को उत्सुक है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक जीएम के एक प्रवक्ता ने कहा, "तलेगांव प्लांट में जनरल मोटर्स द्वारा पूर्व में नियोजित सभी लोगों को कानूनी रूप से जीएम से अलग कर दिया गया है और उन्हें वैधानिक आवश्यकता से सात गुना से अधिक पृथक्करण पैकेज की पेशकश की गई थी। श्रमिक संघ ने इस पैकेज पर हस्ताक्षर करने और स्वीकार करने से इनकार कर दिया, भले ही इसे बॉम्बे हाईकोर्ट के माध्यम से पेश किया गया था। जनरल मोटर्स ने यूनियन के कार्यों के बावजूद, कर्मचारियों को उचित मुआवजा देने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए।''
ह्यूंदै के साथ वाणिज्यिक समझौते पर टिप्पणी करते हुए, प्रवक्ता ने कहा कि जीएम "तलेगांव प्लांट की बिक्री के लिए अंतिम समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए उत्सुक हैं ताकि खरीदार महाराष्ट्र में अवसरों और विकास में निवेश करना शुरू कर सके"।
ह्यूंदै मोटर इंडिया ने तलेगांव प्लांट के संभावित अधिग्रहण के लिए इस साल मार्च में अमेरिका के डेट्रॉइट स्थित ऑटो कंपनी के साथ एक टर्म शीट पर हस्ताक्षर किए। इसके बाद, महाराष्ट्र सरकार ने प्लांट-आधारित बंद करने के आवेदन को स्वीकार कर लिया।