केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने देश में यातायात व्यवस्था को पूरी तरह बदलने वाला एक मेगा प्लान पेश किया है। इसमें इलेक्ट्रिक रैपिड ट्रांसपोर्ट, हाइपरलूप, रोपवे, केबल बस और फ्यूनिक्यूलर रेलवे जैसी सुविधाओं को तेजी से लागू करने की योजना है।
गडकरी ने पीटीआई से बातचीत में बताया कि भारत का ट्रांसपोर्ट सेक्टर एक बड़े बदलाव के दौर में है। नई परियोजनाओं में मोबाइल आधारित ड्राइविंग टेस्ट, फ्लेक्स-फ्यूल इंजन और ट्री बैंक जैसे इनोवेटिव कदम भी शामिल हैं।
दुर्गम इलाकों में 360 रोपवे प्रोजेक्ट
गडकरी ने बताया कि देश के 360 दुर्गम स्थानों पर रोपवे, केबल कार और फ्यूनिक्यूलर रेलवे बनाने का प्लान है। इनमें से 60 प्रोजेक्ट्स पर काम शुरू हो चुका है। ये प्रोजेक्ट पहाड़ी और पहुंच में कठिन इलाकों को जोड़ने में अहम भूमिका निभाएंगे। इन परियोजनाओं की लागत 200 करोड़ से 5,000 करोड़ रुपये तक हो सकती है।
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सड़कों का होगा कायाकल्प
गडकरी ने बताया कि 25,000 किलोमीटर टू-लेन सड़कों को फोर-लेन में बदला जाएगा और रोजाना 100 किलोमीटर सड़क बनाने का लक्ष्य रखा गया है। फिलहाल भारत में नेशनल हाईवे की लंबाई 1.46 लाख किमी हो चुकी है, जो 2014 में 91,287 किमी थी।
हाइपरलूप और मेट्रिनो टैक्सी प्रोजेक्ट
दिल्ली और बेंगलुरु जैसे शहरों में हाइपरलूप, मेट्रिनो पॉड टैक्सी और पिलर आधारित मास रैपिड ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट्स की योजना पर काम हो रहा है। देश में 135 सीटर इलेक्ट्रिक बस का ट्रायल नागपुर में शुरू किया जा रहा है। यह बस 120-125 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी और 30-40 मिनट में चार्ज हो जाएगी। सफल ट्रायल के बाद इन्हें दिल्ली-चंडीगढ़, दिल्ली-जयपुर, मुंबई-पुणे जैसे रूट्स पर चलाया जाएगा।
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टाटा, टोयोटा, महिंद्रा और हुंडई जैसी 11 कंपनियां फ्लेक्स-फ्यूल इंजन वाली गाड़ियां बनाने पर सहमत हो चुकी हैं। इससे इंपोर्टेड फ्यूल पर निर्भरता घटेगी और प्रदूषण भी कम होगा।
पर्यावरण पर होगा फोकस
गडकरी ने बताया कि हाइवे किनारे 20 से 25 करोड़ पेड़ लगाए जाएंगे। इसके साथ ही एक ट्री बैंक की योजना पर भी काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि ग्रीन मोबिलिटी से न सिर्फ देश का 22 लाख करोड़ रुपये का इंधन बिल घटेगा, बल्कि लॉजिस्टिक्स कॉस्ट भी 14% से घटकर 9% तक आ जाएगी।