देश में कंपनियों की ओर से बाइक्स में कई तरह के सस्पेंशन को दिया जाता है। अलग-अलग सेगमेंट के मुताबिक ही कंपनियां अलग-अलग तरह के सस्पेंशन को ऑफर करती हैं। हम इस खबर में आपको बता रहे हैं कि किस तरह के सस्पेंशन के साथ बाइक चलाने में आराम मिलता है।
क्या है सस्पेंशन
किसी भी तरह के वाहन में सस्पेंशन का काम सफर के दौरान किसी भी तरह के झटके के असर को कम करना होता है। जिससे यात्रियों को आरामदायक सफर मिलता है। यह किसी भी वाहन का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। इसके जरिए टायर के एक्सल को वाहन की चेसिस से जोड़ा जाता है। ऐसे में वाहन का पूरा वजन सस्पेंशन के ऊपर होता है।
टेलीस्कोपिक फोर्क्स
मौजूदा समय में बाइक्स में आगे के सस्पेंशन के तौर पर टेलीस्कोपिक फोर्क्स का उपयोग सबसे ज्यादा किया जाता है। इस तरह के सस्पेंशन में नीचे की ओर एक बैरल और ऊपर की ओर स्लाइडर दिया जाता है। इसके अंदर एक स्प्रिंग और ऑयल होता है। जो सफर के दौरान हर तरह के झटकों को सहन करता है।
यूएसडी फोर्क्स
यूएसडी फोर्क्स का मतलब अपसाइड डाउन फोर्क्स होता है। इस तरह के फोर्क्स का उपयोग ज्यादातर महंगी बाइक्स में आगे के सस्पेंशन के तौर पर किया जाता है। इसमें टेलीस्कोपिक फोर्क्स से ठीक उलट व्यवस्था होती है।
स्प्रिंग लोडेड हाइड्रोलिक सस्पेंशन
नाम के मुताबिक इस तरह के सस्पेंशन में एक बड़ी स्प्रिंग होती है जो ऑयल के साथ उपयोग में लाई जाती है। इस तरह के सस्पेंशन में ऑयल को हाइड्रोलिक पिस्टन में रखा जाता है। आमतौर पर इस तरह के सस्पेंशन का उपयोग कम बजट वाली बाइक्स में होता है।
गैस चार्ज शॉक अर्ब्जाबर सस्पेंशन
स्प्रिंग लोडेड हाइड्रोलिक सस्पेंशन के मुकाबले गैस चार्ज शॉक अर्ब्जाबर सस्पेंशन ज्यादा बेहतर होते हैं। इस तरह के सस्पेंशन में नाइट्रोजन का उपयोग भी किया जाता है। जिससे बाइक चलाते हुए सवारों को ज्यादा बेहतर और आरामदायक राइड मिलती है।
मोनोशॉक सस्पेंशन
महंगी बाइक्स में इस तरह के सस्पेंशन को दिया जाता है। जिसे बाइक के फ्रेम पर लगाया जाता है। यह आमतौर पर बाइक में इंजन और पिछले पहिये के बीच में होता है। यह टि्वन शॉक एर्ब्जाबर के मुकाबले में ज्यादा बेहतर तरीके से काम करता है। इसके साथ ही इस तरह के सस्पेंशन बाइक चलाते हुए ज्यादा बेहतर हैंडलिंग मिलती है।