Toll Collection April-June 2026: देशभर में फास्टैग के जरिए टोल वसूली में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है। वित्तीय वर्ष 2025-2026 की पहली तिमाही में टोल कलेक्शन करीब 20% बढ़ा है। वहीं सरकार 15 अगस्त से 3,000 रुपये का सालाना फास्टैग पास भी लॉन्च करने जा रही है।
मौजूदा वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में देशभर में फास्टैग के जरिए टोल वसूली में जबरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिली है। नेशनल इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन (NETC) द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल से जून 2025 की अवधि में टोल कलेक्शन 19.6% बढ़कर 20,681.87 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। यानी पिछली तिमाही में हर दिन कुल 230 करोड़ रुपये का टोल वसूला गया है।
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इसके साथ ही टोल का इस्तेमाल करने वाले वाहनों की संख्या भी तेजी से बढ़ी है। इस तिमाही में टोल यूजर्स की संख्या 16.2% बढ़कर 117.3 करोड़ हो गई है, जो पिछले साल इसी अवधि में 100.98 करोड़ थी।
टोल शुल्क में बढ़ोतरी के साथ नई सुविधा का एलान
गौरतलब है कि 1 अप्रैल 2025 से NHAI ने देशभर के हाईवे पर टोल चार्ज में औसतन 4 से 5 फीसदी की बढ़ोतरी की है। इसके अलावा, हाल ही में केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने 15 अगस्त 2025 से 3,000 रुपये का वार्षिक FASTag पास शुरू करने का ऐलान किया है।
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क्या है सालाना FASTag पास
फास्टैग के वार्षिक पास को केवल निजी वाहनों के लिए लाया गया है। सरकार 15 अगस्त, 2025 से वार्षिक फास्टैग की व्यवस्था को लागू करने जा रही है। इसमें आपको 3000 रुपये के रिचार्ज में साल में 200 ट्रिप करने की अनुमति मिलेगी। इस पास की वैधता एक साल तक या 200 ट्रिप तक रहेगी। यानी प्रति ट्रिप औसतन टोल खर्च सिर्फ 15 रुपये होगा, जो हाईवे पर बार-बार सफर करने वालों के लिए बड़ी राहत है।
वार्षिक फास्टैग पास केवल NHAI द्वारा नियंत्रित नैशनल हाईवे और एक्सप्रेसवे पर ही मान्य होगा। इसे स्टेट हाईवे और पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप से चलने वाले हाईवे पर भी लागू नहीं किया गया है। वार्षिक फास्टैग पास को NHAI या MoRTH की वेबसाइट पर एक लिंक के जरिए एक्टिवेट किया जा सकता है। साथ ही 'राजमार्ग यात्रा' एप के माध्यम से भी इसका लाभ लिया जा सकता है।