दोपहिया बाजार में ईंधन विकल्पों का बदलता समीकरण
2025 में दोपहिया सेगमेंट में पेट्रोल और एथेनॉल से चलने वाले वाहनों का दबदबा बना रहा, लेकिन उनकी हिस्सेदारी में हल्की कमी दर्ज की गई। जहां 2024 में इनकी हिस्सेदारी 93.72 प्रतिशत थी, वहीं 2025 में यह घटकर 93.49 प्रतिशत रह गई। इसके उलट इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की स्वीकार्यता में इजाफा हुआ और इनकी हिस्सेदारी 6.07 प्रतिशत से बढ़कर 6.31 प्रतिशत हो गई। सीएनजी और एलपीजी से चलने वाले दोपहिया वाहन भी मामूली बढ़त के साथ 0.21 प्रतिशत हिस्सेदारी तक पहुंचे।
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दिसंबर में दिखी EV की तेज छलांग
साल के आखिरी महीने में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की रफ्तार और तेज हो गई। दिसंबर 2025 में ईवी दोपहिया वाहनों की हिस्सेदारी 7.4 प्रतिशत तक पहुंच गई, जो नवंबर 2025 में 4.59 प्रतिशत और दिसंबर 2024 में 6.13 प्रतिशत थी। इस दौरान पेट्रोल और एथेनॉल से चलने वाले दोपहिया वाहनों की हिस्सेदारी में साफ गिरावट दर्ज की गई और यह घटकर 92.49 प्रतिशत रह गई। सीएनजी/एलपीजी दोपहिया वाहनों की हिस्सेदारी दिसंबर में भी लगभग स्थिर रही।
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पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट में EV और CNG की पकड़
पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट में भी ईंधन विकल्पों का संतुलन धीरे-धीरे बदलता नजर आया। 2025 में इलेक्ट्रिक कारों की हिस्सेदारी बढ़कर 3.95 प्रतिशत हो गई, जबकि सीएनजी/एलपीजी वाहनों ने 21.30 प्रतिशत बाजार पर कब्जा किया। इसके मुकाबले पेट्रोल और एथेनॉल से चलने वाली कारों की हिस्सेदारी में बड़ी गिरावट आई। और यह 2024 के 52.32 प्रतिशत से घटकर 48.52 प्रतिशत पर आ गई।
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डीजल और हाइब्रिड की धीमी चाल
डीजल और हाइब्रिड वाहनों के लिए 2025 थोड़ा चुनौतीपूर्ण रहा। पूरे साल में डीजल कारों की हिस्सेदारी 18.02 प्रतिशत रही, जबकि हाइब्रिड वाहनों का बाजार हिस्सा 8.20 प्रतिशत पर सिमट गया। दिसंबर के आंकड़े भी इसी रुझान की पुष्टि करते हैं। डीजल कारों की हिस्सेदारी दिसंबर 2025 में घटकर 16.09 प्रतिशत रह गई, जो नवंबर में 17.97 प्रतिशत थी। सख्त सरकारी नियमों और प्रदूषण नियंत्रण उपायों का असर डीजल सेगमेंट पर साफ दिखाई दिया।
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साल के अंत में क्या संकेत मिले
दिसंबर 2025 में जहां पेट्रोल/एथेनॉल कारें अब भी 50.39 प्रतिशत के साथ सबसे बड़ा हिस्सा रखती हैं, वहीं यह आंकड़ा पिछले साल की तुलना में कम है। सीएनजी/एलपीजी कारों ने दिसंबर में 21.03 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ मजबूत छलांग लगाई। जबकि इलेक्ट्रिक कारों की हिस्सेदारी बढ़कर 3.94 प्रतिशत हो गई। हाइब्रिड वाहनों की हिस्सेदारी हालांकि 8.55 प्रतिशत पर आ गई, जो पिछले साल दिसंबर से थोड़ी कम है। कुल मिलाकर, 2025 ने साफ संकेत दे दिए हैं कि भारतीय ऑटो बाजार में ग्रोथ के साथ-साथ ईंधन प्राथमिकताएं भी तेजी से बदल रही हैं।
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