फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Auto Scam: ईयू ने VW, स्टेलेंटिस और अन्य पर लगाया करीब ₹4,238 करोड़ का जुर्माना, मर्सिडीज-बेंज ने किया खुलासा

Wed, 02 Apr 2025 08:38 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा आयातित वाहनों पर ऊंचे टैरिफ लगाने के बाद से वैश्विक ऑटोमोबाइल उद्योग पहले से ही मुश्किल दौर के लिए तैयार हो रहा है। अब यूरोप से आई एक नई खबर ने स्थिति को और बिगाड़ दिया है। यूरोपीय संघ (ईयू) ने ऑटोमोबाइल उद्योग में एक बड़ा घोटाला उजागर किया है।
विज्ञापन
Vehicle Scrapping - फोटो : Freepik
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा आयातित वाहनों पर ऊंचे टैरिफ लगाने के बाद से वैश्विक ऑटोमोबाइल उद्योग पहले से ही मुश्किल दौर के लिए तैयार हो रहा है। अब यूरोप से आई एक नई खबर ने स्थिति को और बिगाड़ दिया है। यूरोपीय संघ (ईयू) ने ऑटोमोबाइल उद्योग में एक बड़ा घोटाला उजागर किया है।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें - US Tariffs: डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ से क्या भारत के ऑटो सेक्टर को लगेगा झटका? जानें उद्योग के विशेषज्ञों की राय

Volkswagen Atlas SUV - फोटो : Volkswagen
ईयू ने लगाया 495 मिलियन डॉलर का भारी जुर्माना
ईयू ने यूरोप में काम कर रही 15 बड़ी कार कंपनियों और यूरोपीय ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (ACEA) पर 495 मिलियन डॉलर (लगभग 4,237.62 करोड़ रुपये) का भारी जुर्माना लगाया है। यह जुर्माना 'एंड-ऑफ-लाइफ' (ईएलवी) वाहन रीसाइक्लिंग से जुड़े एक दीर्घकालिक कार्टेल के संचालन को लेकर लगाया गया है। सभी कंपनियों ने इस गड़बड़ी में शामिल होने की बात स्वीकार की और केस निपटाने पर सहमति जताई।

यह भी पढ़ें - VLF Electric Scooter: वीएलएफ टेनिस मिलानो लिमिटेड एडिशन स्कूटर लॉन्च, जानें कीमत, रेंज और फीचर्स

Mercedes-Benz Car - फोटो : Mercedes-Benz
मर्सिडीज-बेंज ने खोला कार्टेल का राज
यूरोपीय आयोग की जांच में खुलासा हुआ कि 15 प्रमुख कार निर्माता कंपनियां और ACEA, 15 वर्षों से प्रतिस्पर्धा-विरोधी समझौतों और ईएलवी वाहनों के रीसाइक्लिंग से जुड़े अनैतिक कार्यों में शामिल थीं। ईएलवी (एंड-ऑफ-लाइफ व्हीकल) ऐसे वाहन होते हैं, जो अपनी उम्र, क्षति या ज्यादा इस्तेमाल के कारण सड़क पर चलने योग्य नहीं रहते। इन्हें कबाड़ में दोबारा उपयोग और रीसाइकल (पुनर्चक्रण) के लिए संसाधित किया जाता है।

यह भी पढ़ें - NHAI: एनएचएआई ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में 5,614 किमी नेशनल हाईवे बनाए, तय लक्ष्य से ज्यादा!

Ram 2500 Pickup Truck - फोटो : Ram Trucks
इस घोटाले में शामिल प्रमुख कंपनियों में Mercedes-Benz (मर्सिडीज-बेंज) भी थी, जिसने सबसे पहले इस कार्टेल का खुलासा किया और इसके बदले में उसे 35 मिलियन पाउंड (लगभग 323.34 करोड़ रुपये) के जुर्माने से छूट मिल गई। Stellantis (स्टेलेंटिस) (जिसमें Opel भी शामिल है), Mitsubishi (मित्सुबिशी) और Ford (फोर्ड) जैसी अन्य कंपनियों को भी यूरोपीय आयोग के साथ सहयोग करने पर कुछ छूट मिली।

यह भी पढ़ें - Maruti Suzuki Ciaz: मारुति सुजुकी सियाज हुई बंद, लेकिन नई अवतार में वापसी के संकेत!
विज्ञापन

Mitsubishi Pajero Sport - फोटो : Mitsubishi
जांच के निष्कर्ष
यूरोपीय आयोग की जांच में दो प्रमुख मुद्दों पर कंपनियों की मिलीभगत उजागर हुई:
  1. कार निर्माताओं ने ईएलवी वाहनों की प्रोसेसिंग के लिए डिस्मेंटलर्स (गाड़ियों को तोड़ने वाले) को भुगतान नहीं करने का फैसला किया। कंपनियों का दावा था कि ईएलवी रीसाइक्लिंग पहले से ही एक लाभकारी व्यवसाय है, इसलिए उन्होंने "जीरो-ट्रीटमेंट-कॉस्ट" रणनीति अपनाई। साथ ही, इन कंपनियों ने अपने व्यक्तिगत समझौतों और रणनीतियों को लेकर आपसी सूचनाओं का आदान-प्रदान किया।
  2. कंपनियों ने ईएलवी वाहनों के रीसाइकिलिंग और पुन: उपयोग की सीमा को उजागर नहीं करने का फैसला किया। इससे उपभोक्ताओं को यह जानकारी नहीं मिल पाई कि नई गाड़ियों में कितना रीसाइकिल मटेरियल इस्तेमाल किया गया है। इस रणनीति का मकसद था कि उपभोक्ता कार खरीदते समय पर्यावरणीय कारकों को कम महत्व दें, जिससे कंपनियों को कानूनी पर्यावरणीय मानकों से ऊपर जाने का दबाव न पड़े।

यह भी पढ़ें - KTM 125 Duke And RC 125: केटीएम 125 ड्यूक और आरसी 125 भारत में बंद, नई बाइक ले सकती हैं जगह!
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें