केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि दिल्ली चुनावों के बाद वह तेल कंपनियों के साथ बैठक करेंगे। जिसमें एथेनॉल की खुदरा कीमतें किफायती बनाने के तरीकों पर चर्चा होगी।
केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि दिल्ली चुनावों के बाद वह तेल कंपनियों के साथ बैठक करेंगे। जिसमें एथेनॉल की खुदरा कीमतें किफायती बनाने के तरीकों पर चर्चा होगी।
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4th एडिशन शुगर-एथेनॉल और बायो एनर्जी इंडिया कॉन्फ्रेंस (SEIC) 2025 में बोलते हुए, गडकरी ने इंडियन ऑयल का उदाहरण दिया, जिसने 400 एथेनॉल पंप खोलने का फैसला किया था।
गडकरी ने बताया कि तेल कंपनियों ने एथेनॉल की खुदरा कीमत 110 रुपये प्रति लीटर रखी थी, जो कि पेट्रोल की कीमत से भी ज्यादा थी। यह कीमत इसलिए रखी गई ताकि हरे-भरे ईंधन (ग्रीन फ्यूल) की बिक्री को हतोत्साहित किया जा सके।
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दिल्ली चुनावों के बाद होगी बैठक
गडकरी ने कहा, "दिल्ली विधानसभा चुनावों के बाद, संभवतः 6 या 7 फरवरी को, हम एक बैठक करेंगे। पेट्रोलियम मंत्री (हरदीप पुरी) ने मुझसे कहा है कि सरकार जिस रेट पर एथेनॉल खरीदती है और जिस रेट पर बेचती है, उसे एक उचित स्तर पर तय किया जाएगा, ताकि ज्यादा ऊंचे दामों पर इसे न बेचा जाए।"
Fuel Pump
- फोटो : AdobeStock
एथेनॉल पंप लगाने की अपार संभावनाएं
गडकरी ने आगे कहा कि देश में बड़ी संख्या में एथेनॉल पंप खोले जा सकते हैं, जैसे ब्लेंडेड फ्यूल (मिश्रित ईंधन) बेचने वाले पंप हैं। लेकिन इसके लिए जरूरी है कि एथेनॉल की कीमत पेट्रोल से काफी कम हो।
उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि अगर चीनी मिलें अपने इलाकों में एथेनॉल पंप खोलें, तो यह आय का एक नया जरिया बन सकता है।
लिग्निन से सड़कों का निर्माण, किसानों को फायदा
गडकरी ने आगे बताया कि चावल के पुआल (राइस स्ट्रॉ) से बायो-CNG बनाने की प्रक्रिया में बचने वाले अवशेष लिग्निन का इस्तेमाल बिटुमेन (सड़क निर्माण सामग्री) में किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि नागपुर-जबलपुर हाईवे के एक छोटे हिस्से पर इसका प्रयोग किया गया है। जिससे किसानों को सड़क निर्माण क्षेत्र में योगदान करने का मौका मिल सकता है।
National Highway
- फोटो : X/@Nitin_Gadkari
भारत में बिटुमेन की भारी कमी
भारत में सड़क निर्माण में इस्तेमाल होने वाले बिटुमेन की भारी कमी है।
मंत्री ने कार्यक्रम में कहा, "हमारी जरूरत 90 लाख टन है और हमारी रिफाइनरी क्षमता 45-50 लाख टन है। हम बिटुमेन की 50 प्रतिशत आपूर्ति में कमी से जूझ रहे हैं। मैंने 6 फरवरी को सभी तेल कंपनियों को बुलाया है और मैं सुझाव दूंगा कि वे इथेनॉल की तरह ही लिग्निन भी खरीदें।"
गडकरी ने सुझाव दिया कि लिग्निन को 35 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से खरीदा जाना चाहिए, जिससे किसानों को आर्थिक लाभ मिल सके। इसी के साथ उन्होंने सीएनजी उत्पादकों को हाइड्रोजन उत्पादन के क्षेत्र में उतरने की भी सलाह दी।