National Highway for Electric Vehicle (नेशनल हाइवे फॉर इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (एन.एच.ई.वी.) ने गुरुग्राम के सेक्टर 86 में इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग स्टेशन बनाया है जिसने जनवरी 2022 में सेक्टर 52 में बने स्टेशन के सारे रिकार्ड तोड़ दिए हैं।
इज ऑफ डूइंग बिजनेस कार्यक्रम में 30 दिनों के रिकार्ड समय में पहले सबसे बड़े इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग स्टेशन के बाद National Highway for Electric Vehicle (नेशनल हाइवे फॉर इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (एन.एच.ई.वी.) ने गुरुग्राम के सेक्टर 86 में एक और ईवी चार्जिंग स्टेशन बनाया है जिसने जनवरी 2022 में गुरुग्राम के सेक्टर 52 में बने स्टेशन के सारे रिकार्ड तोड़ दिए हैं। लेकिन इन दोनों स्टेशनों के साथ गुरुग्राम देश के दो सबसे बड़े चार्जिंग स्टेशनों वाला पहला शहर बन गया है।
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24 घंटे में 1000 इलेक्ट्रिक कारों को चार्ज करने की क्षमता वाला 75 AC, 25 DC और 21 Hybrid चार्जिंग पॉइंट वाला यह भारत का सबसे बड़ा चार्जिंग स्टेशन है। गुरुवार को हुए कार्यक्रम में शामिल नीति आयोग एवं विभिन्न सरकारी संस्थानों से आए अतिथियों को एन.एच.ई.वी. कार्यक्रम निदेशक अभिजीत सिन्हा ने स्टेशन की तकनीकी क्षमता और व्यवहार में इस्तेमाल होने वाले सुरक्षा मानकों की भी जानकारी दी।
India's largest Electric Vehicles charging station at Gurugram Sector 86
- फोटो : NHEV
24 घंटे में चार्ज होंगी 1000 कारें
एन.एच.ई.वी. कार्यकारी समूह के सदस्य और एलेक्ट्रीफाई स्टेशन के प्रबंध संचालक प्रवीण कुमार ने बताया की स्टेशन पर कुल 121 चार्जर लगाए गए हैं जिसमें से 75AC और 25DC चार्जर आजादी के अमृत महोत्स्व के उपलक्ष में आजादी की 75 साल और 25 साल के अमृत काल का संदेश देने के लिए वर्तमान में चल रहे हैं। यह स्टेशन 24 घंटे में 1000 इलेक्ट्रिक कारों को चार्ज कर सकता है और एक साथ 100 वाहनों को चार्ज कर सकता है।
एक AC चार्जर एक कार को 6 घंटे में पूरा चार्ज करता है और पूरे दिन में ऐसी 4 गाड़ियों को चार्ज करता है। हमारे पास ऐसे 95 चार्जर है जो पूरे दिन में 570 गाड़ियों को बिना रुके चार्ज कर सकते हैं। जबकि एक DC फास्ट चार्जर एक कार को आराम से एक घंटे में चार्ज कर सकता है और 24 घंटे में 24 कारों को चार्ज कर सकता है। और ऐसे 25 चार्जर लगे हुए हैं जो एक दिन में 600 इलेक्ट्रिक कारों को फास्ट चार्ज कर सकते हैं।
पिछले स्टेशन का युटीलिजेशन (उपयोगिया) 72 प्रतिशत है जो की हाइवे पर हमारे NHEV के 30 प्रतिशत के लक्ष्य से दोगुना ज्यादा है। अगले 60 दिनों में नोएडा-ग्रेटर नोएडा में ऐसे 2 स्टेशन लगाए जाने हैं जो दिल्ली-आगरा ई हाइवे के लिए मॉडल होंगे। तकनीकी तैयारी कर ली गई है। उत्तर प्रदेश में नई सरकार के गठन के साथ ही लीज पर जगह का प्रस्ताव दिया जाएगा इसके लिए ऊर्जा मंत्रालय ने जनवरी 2022 में दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं।"
Electric Vehicles charging station at at Gurugram Sector 52 (File)
- फोटो : NHEV
जयपुर-दिल्ली-आगरा हाइवे पर बनेंगे 30 स्टेशन
कार्यक्रम के दौरान इज ऑफ डूइंग बिजनेस कार्यक्रम निदेशक और अतिरिक्त प्रभार में एन.एच.ई.वी. परियोजना निदेशक अभिजीत सिन्हा ने बताया, "गुरुग्राम में यह दूसरा प्रारूप स्टेशन है जिसे 30 दिनों के रिकार्ड समय में तैयार किया गया है। इसी स्तर के दो और बड़े स्टेशन नोएडा में 60 दिनों के भीतर बनाए जाएंगे तब प्रारूप का काम पूरा होगा। जयपुर-दिल्ली-आगरा हाइवे पर 30 और स्टेशन आवंटन के 90 दिनों के अंदर रिकार्ड समय में बनाए जाएंगे।
पेट्रोल पंप को देंगे टक्कर
इन चार्जिंग स्टेशनों को पेट्रोल पंप का प्रतिद्वंदी बनाया गया है। क्योंकि 24 घंटे में 1000 और 576 कारों को चार्ज करने वाले व्यापक स्तर के चार्जिंग स्टेशन देश में अब तक नहीं बने थे। जिसने 72 प्रतिशत युटीलिजेशन दर्ज की हो और जिनमें लगे निवेश की वापसी मात्र 36 महीने में होती हो। ये स्टेशन तकनीकी और आर्थिक प्रमाण हैं कि एन.एच.ई.वी. पायलट में जयपुर -दिल्ली-आगरा ई-हाइवे पर बनने वाले एन.एच.ई.वी. स्टेशन विश्वस्तरीय होंगे और देशभर में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी का बेहतरीन रोडमैप बनाएंगे।"
Electric Vehicles charging station at at Gurugram Sector 52 (File)
- फोटो : NHEV
30 दिनों के रिकार्ड समय में बने
कार्यक्रम में अपने अभिभाषण में नीति आयोग में आधारभूत संरचना, इंफ्रा एकीकृत संयोजी यातायात के वरिष्ठ सलाहकार सुधेन्दु सिन्हा ने कहा, "NHEV ने 30 दिनों के रिकार्ड समय में इसे बना कर सिर्फ देश के सबसे बड़े स्टेशन का कीर्तिमान नहीं बनाया है बल्कि इन मॉडल स्टेशनों को आने वाले समय में बैटरी-स्वैपिंग और अन्य उपभोक्ता केंद्रित सुविधाओं से जोड़ कर पेट्रोल पंप से प्रतिस्पर्धा के लिए इज ऑफ डूइंग बिजनेस का एक बेजोड़ मॉडल विकसित किया है।
30 दिन पहले ही मैंने NHEV के एलेक्ट्रीफाई स्टेशन का उद्घाटन किया था जिसने राष्ट्रीय रिकार्ड बनाए थे और 24 घंटे में 576 गाड़ियों को चार्ज करने की क्षमता वाला था। NHEV का यह मॉडल अन्य मोबिलिटी के क्षेत्र में सबसे उपयोगी है क्योंकि 30 दिनों में सेक्टर 52 के उस स्टेशन ने 72 प्रतिशत उपयोगिया दर्ज की और 36 महीने में अपने निवेश को वापिस निकालने के लक्ष्य पर चल रहा है। अब गुरुग्राम सेक्टर 86 में दूसरा स्टेशन शुरू हो गया और शीघ्र ही नोएडा में 2 और मॉडल स्टेशन बनने हैं।"
Electric Vehicles charging station at at Gurugram Sector 52 (File)
- फोटो : NHEV
सबसे आधुनिक इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री के इज ऑफ डूइंग बिजनेस अभियान में तकनीकी पायलट परियोजनाओं से योगदान करने वाली वाली आयोजक संस्था ई.ओ.डी.बी. सर्विसेज ने इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के क्षेत्र में अपने प्रमुख पायलट एन.एच.ई.वी के स्टेशन के आधुनिक आर्किटेक्चर प्रारूप का भी अनावरण किया जो भारत में इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन की श्रेणी में सबसे आधुनिक है।
इसके कार्यक्रम निदेशक सिन्हा ने बताया, "जहां यह अर्ध वृताकार स्टेशन पर्यावरण और निर्माण के हरित मानकों में गोल्ड स्टैंडर्ड के होंगे। साथ ही वे न तो पर्यावरण से किसी प्रकार का दोहन करते हैं न ही किसी प्रकार का प्रदूषण वातावरण में छोड़ते हैं।"
प्रसिद्ध वैज्ञानिक, नीति आयोग के सदस्य और एन.एच.ई.वी कार्यकारी समूह के अध्यक्ष पद्मश्री और पद्म भूषण से सम्मानित वी. के. सारस्वत ने कार्यक्रम में अपने संबोधन के दौरान इस मॉडल को आर्थिक रूप से उपयोगी और भारी और मध्यम वाहन में बैटरी स्वैपिंग का विकल्प बताया और जयपुर-दिल्ली-आगरा ग्रीन ई-हाइवे पर बनने वाले एन.एच.ई.वी. स्टेशनों को नजदीकी भविष्य में भारी वाहनों में हाइड्रोजन भरने की सुविधा के साथ विकसित किए जाने की जानकारी दी।