क्यों हो रहा है यह सख्त एक्शन
हर साल सर्दियों और त्योहारों के मौसम में दिल्ली की हवा जहरीली हो जाती है। वाहनों से निकलने वाला धुआं, निर्माण कार्यों की धूल और पराली जलाने की वजह से हवा में प्रदूषण तेजी से बढ़ता है। इस स्थिति से निपटने के लिए सरकार ने GRAP-2 लागू किया है, जिसमें मुख्य फोकस वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करना है।
इस योजना के तहत ट्रैफिक पुलिस को आदेश दिया गया है कि वे उन वाणिज्यिक वाहनों की एंट्री रोकें जो प्रदूषण के मानकों पर खरे नहीं उतरते। कटारा ने कहा, "BS-III से नीचे वाले डीजल और पेट्रोल वाहनों को, खासकर जो दिल्ली में रजिस्टर्ड नहीं हैं, बॉर्डर पर ही लौटा दिया जा रहा है।"
यह भी पढ़ें - Commercial Vehicle Sales: अक्तूबर में कमर्शियल व्हीकल सेक्टर की बढ़ी रफ्तार, ये हैं बेहतर प्रदर्शन की वजहें
किन गाड़ियों पर रोक और किन्हें छूट
कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने 1 नवंबर से दिल्ली में BS-III और उससे नीचे के सभी गैर-दिल्ली रजिस्टर्ड वाणिज्यिक वाहनों की एंट्री पर रोक लगा दी है। हालांकि, BS-IV वाले ट्रक 31 अक्तूबर 2026 तक चलने की अनुमति दी गई है।
बैन की गई गाड़ियां:
गैर-दिल्ली रजिस्टर्ड डीजल या पेट्रोल गाड़ियां जो BS-III या उससे नीचे के मानक की हैं
यह भी पढ़ें - Traffic Rules: सड़क पर सख्ती का नया दौर शुरू, बार-बार नियम तोड़ने वालों का लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन होगा रद्द
लोगों का सहयोग जरूरी
पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे इस अभियान में पूरा सहयोग दें ताकि दिल्ली की हवा को साफ किया जा सके। कटारा ने कहा, "हम सभी दिल्लीवासियों से अपील करते हैं कि प्रदूषण फैलाने वाली गाड़ियों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई में साथ दें। इससे ही दिल्ली की हवा सुधर पाएगी।"
यह भी पढ़ें - Highway Accident: हाईवे हादसे में घायल व्यक्ति को 23.27 लाख रुपये का मुआवजा, ट्रिब्यूनल का फैसला
यह भी पढ़ें - Traffic Fine: दुबई में इंडिकेटर ऑन नहीं करने पर लगा 25,000 रुपये का जुर्माना, सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस