20 से ज्यादा ग्राहकों की शिकायतें, दोबारा दोहराई वही गलती
यह मामला पिछले हफ्ते फिर से सामने आया जब स्कूटर मालिकों के एक समूह ने कंपनी के खिलाफ उनके स्कूटरों की सर्विसिंग में कथित तौर पर नाकाम रहने पर विरोध प्रदर्शन किया। मालिकों ने गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत को एक ज्ञापन सौंपकर सरकार से राज्य में कंपनी के इलेक्ट्रिक स्कूटरों की बिक्री रोकने का आग्रह किया।
परिवहन निदेशक पी. प्रविमल अभिषेक ने कहा कि विभाग ने ग्राहकों की परेशानियों का संज्ञान लिया और स्कूटरों का वाहन पंजीकरण रोक दिया। उन्होंने कहा, "यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि इस साल भी यही समस्या सामने आई है। 2,000 से ज्यादा वाहन मरम्मत और रखरखाव के अभाव में वर्कशॉप में लावारिस पड़े हैं, जो अस्वीकार्य है। पीड़ित पक्षों ने मदद के लिए मुख्यमंत्री और परिवहन विभाग से संपर्क किया है।"
अभिषेक ने कहा, "हमने ग्राहकों की परेशानी को गंभीरता से लिया है। इसी वजह से फिलहाल हमने ओला की वाहन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया रोक दी है और कंपनी से स्पष्टीकरण मांगा है कि उनका ट्रेड सर्टिफिकेट रद्द क्यों न किया जाए।"
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पहले भी हो चुका है विवाद
यह पहली बार नहीं है जब ओला इलेक्ट्रिक के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई हुई है। पिछले साल नवंबर में भी कंपनी का ट्रेड सर्टिफिकेट निलंबित किया गया था, जब कई स्कूटर स्पेयर पार्ट्स की कमी और देर से सर्विसिंग के चलते बंद पड़े थे।
उस वक्त कंपनी ने सुनवाई में आश्वासन दिया था कि ऐसी घटना दोबारा नहीं होगी। लेकिन एक साल बाद फिर से वही स्थिति सामने आने पर विभाग ने एक बार फिर सख्ती दिखाई है।
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ओला कंपनी ने दी सफाई, जल्द सुधार का वादा
ओला इलेक्ट्रिक ने इस मामले पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। हालांकि, कंपनी के प्रतिनिधियों ने गोवा ट्रांसपोर्ट विभाग से मुलाकात की है और भरोसा दिलाया है कि वे जल्द ही सभी लंबित स्कूटरों की मरम्मत करवाएंगे और स्पेयर पार्ट्स की उपलब्धता सुनिश्चित करेंगे।
अभिषेक ने बताया, "कंपनी ने बताया है कि उन्होंने स्टाफ की संख्या आठ गुना बढ़ाई है और अलग-अलग सर्विस सेंटरों में नए स्पेयर पार्ट्स भेजे हैं। हम इस हफ्ते के अंत तक निरीक्षण करेंगे। अगर सब कुछ सही पाया गया, तो हम रजिस्ट्रेशन निलंबन हटाने पर विचार करेंगे।"
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- फोटो : Ola Electric
ग्राहकों को उपभोक्ता अदालत में मदद
ट्रांसपोर्ट विभाग ने यह भी कहा है कि वह ग्राहकों को उपभोक्ता अदालत में केस दर्ज करने में मदद करेगा, ताकि उन्हें न्याय मिल सके।
गोवा सरकार की इस कार्रवाई से ओला इलेक्ट्रिक पर दबाव बढ़ गया है। कंपनी को अब सर्विस क्वालिटी सुधारनी होगी और ग्राहकों का भरोसा वापस जीतना होगा।
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