फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ola Electric: गोवा में ओला इलेक्ट्रिक स्कूटरों का पंजीकरण निलंबित, बिक्री पर रोक, बढ़ती शिकायतों के बाद सख्ती

Wed, 05 Nov 2025 12:28 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

सर्विस सपोर्ट में कथित कमी और मरम्मत में लंबे समय तक देरी के संबंध में ग्राहकों से शिकायतें मिलने के बाद, गोवा सरकार ने वाहन पोर्टल पर ओला इलेक्ट्रिक स्कूटरों का पंजीकरण निलंबित कर दिया है।
विज्ञापन
Ola Electric Scooter - फोटो : PTI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

गोवा सरकार ने राज्य में Ola Electric Scooter (ओला इलेक्ट्रिक स्कूटर) की बिक्री पर अस्थायी रोक लगा दी है। ट्रांसपोर्ट विभाग ने कंपनी के वाहनों की VAHAN (वाहन) रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया निलंबित कर दी है और कारण बताओ नोटिस जारी कर पूछा है कि कंपनी का ट्रेड सर्टिफिकेट रद्द क्यों न किया जाए।
विज्ञापन


यह कार्रवाई तब की गई जब कई खरीदारों ने शिकायत की कि उन्हें सर्विस सेंटर से कोई मदद नहीं मिल रही, स्पेयर पार्ट्स उपलब्ध नहीं हैं, और सैकड़ों स्कूटर सर्विस सेंटर में बिना मरम्मत के खड़े हैं।

यह भी पढ़ें - Commercial Vehicle Sales: अक्तूबर में कमर्शियल व्हीकल सेक्टर की बढ़ी रफ्तार, ये हैं बेहतर प्रदर्शन की वजहें
विज्ञापन

20 से ज्यादा ग्राहकों की शिकायतें, दोबारा दोहराई वही गलती
यह मामला पिछले हफ्ते फिर से सामने आया जब स्कूटर मालिकों के एक समूह ने कंपनी के खिलाफ उनके स्कूटरों की सर्विसिंग में कथित तौर पर नाकाम रहने पर विरोध प्रदर्शन किया। मालिकों ने गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत को एक ज्ञापन सौंपकर सरकार से राज्य में कंपनी के इलेक्ट्रिक स्कूटरों की बिक्री रोकने का आग्रह किया।

परिवहन निदेशक पी. प्रविमल अभिषेक ने कहा कि विभाग ने ग्राहकों की परेशानियों का संज्ञान लिया और स्कूटरों का वाहन पंजीकरण रोक दिया। उन्होंने कहा, "यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि इस साल भी यही समस्या सामने आई है। 2,000 से ज्यादा वाहन मरम्मत और रखरखाव के अभाव में वर्कशॉप में लावारिस पड़े हैं, जो अस्वीकार्य है। पीड़ित पक्षों ने मदद के लिए मुख्यमंत्री और परिवहन विभाग से संपर्क किया है।"

अभिषेक ने कहा, "हमने ग्राहकों की परेशानी को गंभीरता से लिया है। इसी वजह से फिलहाल हमने ओला की वाहन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया रोक दी है और कंपनी से स्पष्टीकरण मांगा है कि उनका ट्रेड सर्टिफिकेट रद्द क्यों न किया जाए।"

यह भी पढ़ें - Lok Adalat: लंबित ट्रैफिक चालान निपटाने का मौका, दिल्ली में इस दिन लग रहा है लोक अदालत, जानें पूरी डिटेल्स

Ola Electric Scooter - फोटो : X/@PrathameshDaga
पहले भी हो चुका है विवाद
यह पहली बार नहीं है जब ओला इलेक्ट्रिक के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई हुई है। पिछले साल नवंबर में भी कंपनी का ट्रेड सर्टिफिकेट निलंबित किया गया था, जब कई स्कूटर स्पेयर पार्ट्स की कमी और देर से सर्विसिंग के चलते बंद पड़े थे।

उस वक्त कंपनी ने सुनवाई में आश्वासन दिया था कि ऐसी घटना दोबारा नहीं होगी। लेकिन एक साल बाद फिर से वही स्थिति सामने आने पर विभाग ने एक बार फिर सख्ती दिखाई है।

यह भी पढ़ें - Traffic Rules: सड़क पर सख्ती का नया दौर शुरू, बार-बार नियम तोड़ने वालों का लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन होगा रद्द

ओला कंपनी ने दी सफाई, जल्द सुधार का वादा
ओला इलेक्ट्रिक ने इस मामले पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। हालांकि, कंपनी के प्रतिनिधियों ने गोवा ट्रांसपोर्ट विभाग से मुलाकात की है और भरोसा दिलाया है कि वे जल्द ही सभी लंबित स्कूटरों की मरम्मत करवाएंगे और स्पेयर पार्ट्स की उपलब्धता सुनिश्चित करेंगे।

अभिषेक ने बताया, "कंपनी ने बताया है कि उन्होंने स्टाफ की संख्या आठ गुना बढ़ाई है और अलग-अलग सर्विस सेंटरों में नए स्पेयर पार्ट्स भेजे हैं। हम इस हफ्ते के अंत तक निरीक्षण करेंगे। अगर सब कुछ सही पाया गया, तो हम रजिस्ट्रेशन निलंबन हटाने पर विचार करेंगे।"

यह भी पढ़ें - 2025 Hyundai Venue vs Maruti Brezza vs Tata Nexon: सब-कॉम्पैक्ट एसयूवी सेगमेंट में मुकाबला हुआ तगड़ा, जानें कौन सबसे बेहतर
विज्ञापन

Ola Electric Scooter Plant - फोटो : Ola Electric
ग्राहकों को उपभोक्ता अदालत में मदद
ट्रांसपोर्ट विभाग ने यह भी कहा है कि वह ग्राहकों को उपभोक्ता अदालत में केस दर्ज करने में मदद करेगा, ताकि उन्हें न्याय मिल सके।

गोवा सरकार की इस कार्रवाई से ओला इलेक्ट्रिक पर दबाव बढ़ गया है। कंपनी को अब सर्विस क्वालिटी सुधारनी होगी और ग्राहकों का भरोसा वापस जीतना होगा। 

यह भी पढ़ें - Highway Accident: हाईवे हादसे में घायल व्यक्ति को 23.27 लाख रुपये का मुआवजा, ट्रिब्यूनल का फैसला 

यह भी पढ़ें - Traffic Fine: दुबई में इंडिकेटर ऑन नहीं करने पर लगा 25,000 रुपये का जुर्माना, सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें