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Diesel Bus: दिल्ली ने एनसीआर क्षेत्र में पुरानी डीजल बसों के खिलाफ किया जंग का एलान, जानें इसकी वजह

Mon, 30 Oct 2023 05:36 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

दिल्ली सरकार ने एक बार फिर क्षेत्र में प्रदूषण के प्रमुख कारकों में से एक के रूप में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में चलने वाली पुरानी डीजल बसों पर ध्यान केंद्रित करने की कोशिश की है।
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आईएसबीटी पर खड़ी रोडवेज की बस - फोटो : अमर उजाला
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दिल्ली सरकार ने एक बार फिर क्षेत्र में प्रदूषण के प्रमुख कारकों में से एक के रूप में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में चलने वाली पुरानी डीजल बसों पर ध्यान केंद्रित करने की कोशिश की है। दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) लगातार खराब होने के साथ, वाहन उत्सर्जन को मुख्य योगदान कारकों में से एक माना जाता है। यहां तक कि प्रदेश की आम आदमी पार्टी की सरकार हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के आसपास के राज्यों में चलने वाली डीजल बसों की ओर इशारा कर रही है।
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दिल्ली का AQI 400 से ज्यादा हो गया है जिसे 'खतरनाक' माना जाता है और यह स्वस्थ व्यक्तियों के लिए भी गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा करता है। आने वाले दिनों में गिरते तापमान, हवा की कम रफ्तार और आसपास के राज्यों में पराली जलाने की संभावना बढ़ने से जहरीली हवा के और भी जहरीली होने की संभावना है। पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने अब तीन पड़ोसी राज्यों में डीजल से चलने वाली प्रदूषण फैलाने वाली बसों पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है।
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आईएसबीटी पर खड़ी रोडवेज की बसें - फोटो : अमर उजाला
राय ने इस बात पर रोशनी डाली है कि जहां दिल्ली में सार्वजनिक बसें सीएनजी पर चलती हैं और बहुत कम धुआं छोड़ती हैं, वहीं हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश राज्यों में डीजल से चलने वाली बसों की जांच की जानी चाहिए। उन्होंने समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार कहा, "वाहनों से निकलने वाला उत्सर्जन दिल्ली के वायु प्रदूषण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। जबकि दिल्ली में बसें सिर्फ कंप्रैस्ड नेचुरल गैस (सीएनजी) और इलेक्ट्रिक बसें चलती हैं, पड़ोसी राज्यों हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान की बसें बीएस III और बीएस IV वाहन हैं। जबकि CAQM (सीएक्यूएम) ने इस बारे में सख्त निर्देश जारी किए हैं, हम मांग करते हैं कि केंद्र हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के एनसीआर क्षेत्रों में संचालित होने वाली बीएस III और बीएस IV बसों पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाए।

रिपोर्ट के मुताबिक, कश्मीरी गेट अंतरराज्यीय बस टर्मिनल के औचक निरीक्षण के दौरान राय ने पाया कि आसपास के राज्यों से आने वाली सभी बसें बीएस 3 और बीएस 4 वाहन थीं। 
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For Reference Only - फोटो : अमर उजाला
प्रदूषण दिल्ली के स्थानीय लोगों के लिए एक पुराना दुश्मन है और सर्दियों के महीनों के दौरान खास तौर पर बदतर हो जाता है। जहां उत्तर भारत के कई हिस्से हर साल जहरीली हवा की चपेट में आते हैं, वहीं देश की राजधानी सुर्खियां बटोरती है और बार-बार आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो जाता है।

इस साल, दिल्ली की आप सरकार ने कहा है कि दिल्ली प्रदूषण के स्रोत पर कोई आधिकारिक डेटा नहीं है। जबकि पिछले वर्षों में आप सरकार यह दावा करती रही है कि पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में पराली जलाना दिल्ली में प्रदूषण का एक प्रमुख कारक है। पहले कांग्रेस पार्टी पंजाब में सत्ता में थी। फिर आप ने फरवरी 2022 का चुनाव जीता और अब पंजाब में उसकी सरकार है।
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