बिना पीयूसी पेट्रोल नहीं, नियम रहेगा लागू
मंत्री ने मीडिया से बातचीत में साफ किया कि अब वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUCC) (पीयूसीसी) के बिना किसी भी वाहन को पेट्रोल नहीं दिया जाएगा। यह नियम अस्थायी नहीं बल्कि अगले आदेश तक लागू रहेगा। उन्होंने कहा कि ग्रैप-4 के तहत कई पाबंदियां लगाई गई थीं। जिनमें से पीयूसी से जुड़ा नियम अब स्थायी रूप से लागू रखने का निर्णय लिया गया है।
यह भी पढ़ें - Ducati XDiavel V4: भारत में लॉन्च हुई डुकाटी XDiavel V4, कीमत इतनी की खरीद सकते हैं महंगी इलेक्ट्रिक एसयूवी
बीएस-VI मानकों से नीचे के वाहनों की एंट्री पर रोक
दिल्ली में बाहर से आने वाले वाहनों को लेकर भी सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। मंत्री के अनुसार, जो वाहन भारत स्टेज-VI (BS-6) उत्सर्जन मानकों को पूरा नहीं करते, उन्हें राजधानी में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। यह नियम पेट्रोल और डीजल दोनों तरह के वाहनों पर लागू होगा, ताकि शहर में प्रदूषण फैलाने वाले पुराने वाहनों की संख्या को नियंत्रित किया जा सके।
यह भी पढ़ें - Tesla: टेस्ला कारों में जल्द मिल सकता है एपल कार की सपोर्ट, आईफोन से अनलॉक और स्टार्ट होगा वाहन
पेट्रोल और डीजल वाहनों के लिए क्या हैं नियम
दिल्ली में पंजीकृत पेट्रोल कारें तभी चल सकेंगी, जब वे बीएस-IV या बीएस-VI मानकों की हों। बीएस-III या उससे पुराने पेट्रोल वाहन अब सड़क पर नहीं चल पाएंगे। वहीं, दिल्ली के बाहर पंजीकृत पेट्रोल वाहनों को केवल तभी प्रवेश मिलेगा, जब वे बीएस-VI मानकों के अनुरूप हों। डीजल वाहनों के मामले में नियम और सख्त हैं, क्योंकि चाहे वाहन दिल्ली का हो या बाहर का, केवल बीएस-VI डीजल कारों को ही चलाने की अनुमति दी गई है। हालांकि, आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहन, इलेक्ट्रिक वाहन और सीएनजी से चलने वाले वाहन इन प्रतिबंधों से मुक्त रहेंगे।
यह भी पढ़ें - Vehicles Price: दिल्ली में पेट्रोल और सीएनजी वाहन हो सकते हैं महंगे, सरकार ग्रीन सेस बढ़ाने पर कर रही है विचार
कैसे पहचानें कि वाहन बीएस मानकों पर खरा उतरता है
वाहन मालिक अपने वाहन की बीएस श्रेणी की जानकारी VAHAN पोर्टल पर जाकर हासिल कर सकते हैं। यहां रजिस्ट्रेशन नंबर डालने पर वाहन से जुड़ी पूरी जानकारी मिल जाती है। कुछ राज्यों में रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट पर भी बीएस स्टेज दर्ज होती है। इसके अलावा, निर्माण वर्ष से भी अंदाजा लगाया जा सकता है। क्योंकि बीएस-VI इंजन वर्ष 2020 से लागू हुए थे।
यह भी पढ़ें - Electric Car Sales: 2025 में BYD बनेगी दुनिया की सबसे बड़ी ईवी कंपनी, टेस्ला से आगे निकलने की पूरी तैयारी
सख्त निगरानी और टेक्नोलॉजी से होगा पालन
सरकार ने नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए बड़े स्तर पर व्यवस्था की है। दिल्ली के 126 एंट्री प्वाइंट्स पर ट्रैफिक पुलिस तैनात की गई है, जिनमें से 13 जगहों पर RFID (आरएफआईडी) सिस्टम मौजूद है, जहां बीएस मानकों का डेटा पहले से उपलब्ध है। इसके अलावा, 37 'प्रखर' वैन और 500 से अधिक ट्रैफिक कर्मी शहर की सीमाओं और अंदरूनी इलाकों में निगरानी कर रहे हैं। पुलिस के पास ई-चालान सिस्टम है, जिसमें आरसी नंबर डालते ही वाहन से जुड़ी सारी जानकारी सामने आ जाती है। बीएस-VI वाहनों पर लगे हॉलोग्राम आधारित कलर-कोडेड फ्यूल स्टिकर भी पहचान में मदद कर रहे हैं।
यह भी पढ़ें - Car Import: चक्रवात डिटवाह के बाद श्रीलंका के कार आयातकों की सरकार से मांग, तीन प्रतिशत जुर्माना माफ करे सरकार
पेट्रोल पंपों पर भी रहेगी कड़ी नजर
सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि हर पेट्रोल पंप पर एक पुलिसकर्मी और एक परिवहन विभाग का अधिकारी तैनात रहे। सभी पेट्रोल पंपों पर एएनपीआर कैमरे लगाए गए हैं। जिससे बिना पीयूसी वाले वाहनों को ईंधन देने पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।
यह भी पढ़ें - Year Ender 2025: इस साल भारत में लॉन्च हुईं टॉप-5 मोटरसाइकिलें, क्लासिक से एडवेंचर तक दमदार विकल्प
ट्रैफिक सुधार के लिए नई पहल
प्रदूषण के साथ-साथ ट्रैफिक की समस्या से निपटने के लिए सरकार ने कुछ नई घोषणाएं भी की हैं। दिल्ली में जल्द ही कार-पूलिंग एप लॉन्च की जाएगी। इसके अलावा, गूगल मैप्स के साथ मिलकर भीड़भाड़ वाले इलाकों की पहचान की जाएगी और ट्रैफिक सिग्नल के समय को नियंत्रित करने के लिए एक इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लागू किया जाएगा। वहीं, सड़क की खराब स्थिति सुधारने के लिए एक थर्ड पार्टी एजेंसी पूरे साल शहर में गड्ढों की पहचान और सर्वे का काम करेगी।
यह भी पढ़ें - Year Ender 2025: EV से लेकर SUV तक, ये हैं वो टॉप कार लॉन्च जिन्होंने भारत के ऑटो सेक्टर की सोच बदली
प्रदूषण पर लगाम लगाने की कोशिश
दिल्ली सरकार का मानना है कि ग्रैप-4 के तहत लागू ये सख्त कदम शहर की हवा को साफ करने की दिशा में जरूरी हैं। जब तक प्रदूषण का स्तर काबू में नहीं आता, तब तक वाहनों पर ये प्रतिबंध जारी रहेंगे और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।