पिछली सीट पर बैठे व्यक्ति द्वारा बेल्ट न लगाने का कारण
- 37.8 फीसदी लोगों ने कहा, वे सोचते हैं कि ये जरूरी नहीं है।
- 23.9 फीसदी बोले, बहुत से लोग पिछली सीट बेल्ट के बारे में जागरूक नहीं हैं
- 17.6 फीसदी लोगों ने कहा, इससे उन्हें असुविधा महसूस होती है।
- 9.4 फीसदी लोग बोले, इससे कोई सुरक्षा नहीं होती
- 8.7 फीसदी लोगों ने कहा, इसे बंद करना और खोलना मुश्किल है।
- 8.4 फीसदी लोग बोले, वे पिछली सीट बेल्ट को इस्तेमाल करना नहीं जानते
- 5.3 फीसदी लोगों ने कहा, पिछली सीट बेल्ट कवर के नीचे छिपी रहती है
- 4.6 फीसदी लोग बोले, पिछली सीट बेल्ट उनके कपड़ों को खराब करती है, निशान छोड़ देती है।
- 3.1 फीसदी लोगों ने कहा, बहुत सी कारों में पिछली सीट पर बेल्ट नहीं लगी होती
- 1.9 फीसदी लोग बोले, कभी कभार ये सीट बेल्ट बहुत गंदी सी लगती है
- 1.6 फीसदी लोगों ने कहा, हादसे की स्थिति में इस बेल्ट की वजह से यात्री के लिए बाहर निकलना बहुत मुश्किल होता है
- 1.9 फीसदी लोग ऐसे थे, जिन्होंने अन्य तरह के कारणों का उल्लेख किया है
इस सर्वे में 1598 लोग शामिल थे। लखनऊ में 151, जयपुर में 152, गोवाहाटी में 205, दिल्ली-एनसीआर में 139, कोलकाता में 107, मुंबई में 154, चेन्नई में 166, पणजी में 151, बेंगलुरु में 149, पटना में 51 और कोच्चि में 173 लोगों की प्रतिक्रिया जानी गई है।
पिछली सीट बेल्ट पर लोगों ने दी ऐसी प्रतिक्रिया ...
कोच्चि में 100 फीसदी लोगों ने कहा, पुलिस उन्हें नहीं रोकती। जयपुर में 99.10 फीसदी लोगों ने यही जवाब दिया। बेंगलुरु में 97.50 फीसदी लोग बोले, पुलिस ने पिछली सीट को लेकर उन्हें कभी नहीं रोका। दिल्ली-एनसीआर के 3.30 फीसदी लोगों ने कहा, पुलिस रोक लेती है। लखनऊ में 4.50 फीसदी लोगों ने 'हां' में जवाब दिया। कोलकाता में 95.50 फीसदी लोगों ने कहा, पुलिस नहीं रोकती। पणजी में 6.20 फीसदी लोग बोले, पुलिस रोक लेती है। मुंबई में 92.10 फीसदी लोगों ने कहा, पिछली सीट न लगाने को लेकर पुलिस ने कभी नहीं रोका। चेन्नई में 9.10 फीसदी लोगों ने कहा, पुलिस इस बाबत पूछताछ कर लेती है। पटना में 20.40 फीसदी लोगों ने 'हां' में जवाब दिया है। गोवाहाटी में 34.70 फीसदी लोगों का जवाब 'हां' में आया है। अगर सभी शहरों के लोगों की बातचीत का निष्कर्ष निकालें तो 8.60 फीसदी लोगों ने कहा, पुलिस उन्हें पिछली सीट बेल्ट न लगाने को लेकर रोक लेती है, जबकि 91.40 फीसदी लोगों का जवाब था कि पुलिस ने कभी नहीं रोका।